वीवीएस लक्ष्मण की किताब 281 and Beyond कल होगी लांच

वीवीएस लक्ष्मण की किताब 281 and Beyond कल रिलीज हो रही है जिसका प्रकाशन वेस्टलैंड स्पोर्ट ने किया है, इसमें उन्‍होंने अपने साथी क्रिकेटर्स को लेकर बड़े रोचक खुलासे किए हैं

नई दिल्‍ली। महान क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स के साथ मिलकर फेसबुक लाइव स्ट्रीम के जरिए अपनी आत्मकथा 281 and Beyond का कवर लॉन्च किया था। अब उनकी आत्मकथा 19 नवंबर को बाजार में आएगी, जिसमें सह लेखक खेल पत्रकार आर कौशिक हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ही लक्ष्मण अपनी आत्मकथा लिखना चाहते थे। उन्होंने इसका कवर लॉन्च करने के दौरान कहा कि यह किताब देश के एक खिलाड़ी की ‘अनोखी, पर सामान्य’ दास्तान बयां करेगी।

किताब का टाइटल 2001 में ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण की 281 रन की शानदार पारी से प्रेरित है जिसने सीरीज का रूख ही बदल दिया था। इस खिलाड़ी ने कहा, ‘मेरी जिंदगी का निर्णायक मोड़ 281 रन की पारी थी। किताब में मैंने मैच में खेलने के बारे में बात की है कि मैं मैच के लिए समय पर कैसे फिट हुआ। चौथे दिन राहुल द्रविड़ के साथ मेरी बल्लेबाजी और हमने वो साझेदारी कैसे बनाई तथा और भी कुछ।’

मुल्‍तान का सुल्‍तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग को लेकर बड़े रोचक खुलासे किये हैं। पढ़िए उनकी इस किताब की चंद लाइनें-

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा 281 and Beyond में टीम इंडिया के अपने साथियों के बारे में रोचक खुलासे किए हैं। लक्ष्मण ने बताया कि वीरेंद्र सहवाग ने उनसे एक वादा किया था, जो सबसे पहले निभाकर भी दिखाया।

लक्ष्मण ने लिखा, ‘पहले ही बता दूं कि मैं सहवाग का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। जब मैंने उन्हें पहली बार बल्लेबाजी करते देखा तो लगा नहीं था कि सर्वश्रेष्ठ स्तर पर वह निरंतर सफल होते जाएंगे। वीरू की अनोखी प्रतिभा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 वन-डे सीरीज में देखने को मिली। बैंगलोर में खेले गए पहले मैच में उन्होंने 58 रन बनाए और तीन विकेट चटकाए व मैन ऑफ द मैच बने। पुणे मैच से पहले मैं, जहीर और वीरू डिनर के लिए गए।’

लक्ष्मण ने आगे बताया, ‘वीरू ने मुझसे कहा- लक्ष्मण भाई आपके पास कोलकाता टेस्ट में तिहरा शतक जमाने का शानदार मौका था, लेकिन दुर्भाग्यवश आप ऐसा नहीं कर सके। अब आप देखिए और इंतजार कीजिए, मैं टेस्ट क्रिकेट में 300 रन बनाने वाला पहला भारतीय बल्लेबाज बनूंगा। मैंने उन्हें आश्चर्यचकित निगाहों से देखा। चार वन-डे खेलने वाला बल्लेबाज टेस्ट चयन के आस-पास भी नहीं था और इससे पहले ही वह इतना बड़ा दावा कर रहा था। एक पल के लिए लगा कि वह मजाक कर रहा होगा, लेकिन वीरू बहुत गंभीर था। इमानदारी से कहूं तो मुझे समझ नहीं आया कि क्या कहूं।’

लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि सहवाग की तैयारी का तरीका हम सभी से अलग था। उन्होंने लिखा, ‘मैंने कभी वीरू को ज्यादा तैयारी करते नहीं देखा। वह नेट्स पर बल्लेबाजी करता था, अपने कैच का कोटा पूरा करके ड्रेसिंग रूम चले जाता था। कोई अतिरिक्त नॉकिंग या थ्रो-डाउन नहीं करता था। वह हमारा मजाक भी बनाता था यह कहकर कि आपको मैच में ज्यादा गेंद खेलना चाहिए, अभ्यास के समय नहीं। आप इस लॉजिक पर कुछ कह भी नहीं सकते, तब तो बिलकुल नहीं जब उनके लिए यह बहुत आसानी से काम कर रहा हो।’

बकौल लक्ष्मण, ‘मुल्तान में तिहरा शतक जमाने के बाद सहवाग मेरे पास आए और ठहाका लगाकर बोले- मैंने आप से कहा था वीवीएस। मुझे बहुत खुशी हुई कि मेरे 281 रन का रिकॉर्ड किसी ने तोड़ दिया है। भारत ने कई अच्छे बल्लेबाज विश्व को दिए हैं, लेकिन तिहरा शतक नहीं जमाना अजब था। वीरू ने यह रिकॉर्ड बनाया। उसने सबसे पहले इस वादे को निभाया। तिहरा शतक जमाने के लिए बहुत तेजी से रन बनाना होते हैं। सहवाग ने घमंड नहीं बल्कि विश्वास से कहा था कि वह तिहरा शतक जमाएंगे और उन्होंने ऐसा करके दिखाया।’

Sports Desk : Legend News

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