मंसूर अली खान पटौदी ‘Tiger’ ने सिखाया था टीम इंडिया को सबसे पहले जीतना

नई दिल्‍ली। मंसूर अली खान पटौदी टीम इंडिया में ‘Tiger’ के नाम से भी जाना गया. उनसे पहले उनके पिता भी टीम इंडिया के कप्तान रह चुके थे. टाइगर का जन्म 5 जनवरी 1941 को भोपाल में नवाब इफ्तिखार अली खान के घर हुआ था.

टाइगर ने भारत के लिए 46 टेस्ट खेले. इनमें से 40 में उन्होंने कप्तानी की. 21 साल की उम्र में उन्हें टीम की कमान सौंप दी गई. वह उस समय इतनी कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले पहले खिलाड़ी थी. उनके नाम ये रिकॉर्ड 40 साल तक रहा.

अपने टेस्ट करियर में पटौदी ने 2793 रन बनाए. इसमें 6 शतक भी शामिल हैं. उनके नेतृत्व में टीम इंडिया को पहली बार विदेश में जीत मिली. 1968 में न्यूजीलैंड के दौरे पर गई टीम को उन्होंने जीत दिलाई. इसी लिए उनके बारे में कहा जाता था कि उनकी सबसे बड़ी ताकत रणनीति बनाने में थी. उनका सर्वोच्च स्कोर 203 रहा.

भले उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 40 में से 9 टेस्ट में ही जीत हासिल की, लेकिन ये टाइगर ही थे, जिन्होंने टीम को ये भरोसा दिलाया कि टीम इंडिया दुनिया में किसी भी पिच पर कैसे भी हालात में जीत सकती है.

एक्सीडेंट में गंवाई आंख, लगा सब कुछ खत्म
1961 में ब्रिटेन में एक कार हादसा हुआ. कांच का एक टुकड़ा उचटकर टाइगर की आंख में लगा. इस हादसे में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई. सभी को लगा कि उनका क्रिकेट करियर अब खत्म. लेकिन टाइगर दूसरी ही मिट्टी के बने थे. उन्हें किसी भी कीमत पर क्रिकेट खेलना था. और वह खेले भी. 1962 में उन्होंने वेस्ट इंडीज टूर के दौरान उन्हें टीम का उपकप्तान चुन लिया गया

1975 में टाइगर ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया. उनका निजी जीवन भी काफी सुर्खियों में रहा. 1993 से लेकर 1996 तक वह टीम के रेफरी भी रहे. 2011 में लंग इन्फेक्शन के कारण उनका निधन हो गया.

5 जनवरी 1941 को जन्‍मे मंसूर अली ख़ान पटौदी ‘Tiger’ पटौदी के नौवे नवाब थे, उनका विवाह 27 दिसम्बर 1969 को भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से हुआ।

-एजेंसी