Manoj Bajpai ने कहा, मुख्यधारा के पुरस्कारों में होता है भेदभाव

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता Manoj Bajpai ने बुधवार को कहा कि वह इस तथ्य से वाकिफ हैं कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहद प्रशंसित उनकी तमाम फिल्मों को कभी भी ‘तथाकथित बड़े मुख्यधारा के पुरस्कारों’ की नामांकन सूची में जगह नहीं मिली।

Manoj Bajpai ने बुधवार को अपनी 2018 की फिल्म ‘गली गुलियां’ का एक पोस्टर ट्वीट किया और लिखा, “आदत सी पड़ गई है यह देखने की कि मेरी सभी फिल्में जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत प्रशंसित हैं, उन्हें तथाकथित मुख्यधारा के पुरस्कारों की नामांकन सूची तक में जगह नहीं मिलती, पुरस्कार मिलने की तो बात ही छोड़िए। रचनात्मक खोज और शोषण जारी है। गली गुलियां।”

मनोज की फिल्म ‘गली गुलियां’ को बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2017 मियामी फिल्म फेस्टिवल, इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजिल्स, अटलांटा फिल्म फेस्टिवल, 42वें क्लीवलैंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, शिकागो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और 2018 इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में दिखाया गया था।

 

पद्मश्री मिलने पर इमोशनल हुए Manoj Bajpai

एक्टर मनोज वाजपेयी ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि उनके काम पर सरकार द्वारा मुहर लगाई गई है।

बॉलीवुड एक्टर मनोज वाजपेयी (Manoj Bajpai) ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि उनके काम पर सरकार द्वारा मुहर लगाई गई है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए पद्मश्री मिलना मेरे अब तक सफर व भरोसे को सम्मानित किए जाने जैसा है।

मनोज ने पद्मश्री के लिए नामित होने के एक दिन बाद बताया, “यह किसी भी पेशेवर के लिए बहुत बड़ा सम्मान है क्योंकि यह सम्मान मात्र किसी एक खास फिल्म या प्रदर्शन के लिए नहीं है। यह मेरे अब तक के सफर को सम्मानित किया जाना है।”

-एजेंसी

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