नेपाल पर बोलकर बैठे ठाले आफत मोल ले बैठीं मनीषा कोइराला

मुंबई। नेपाल द्वारा लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को अपने नए नक़्शे में दिखाए जाने की बहस बॉलीवुड तक पहुंच गई है.
फ़िल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला के एक रिट्वीट के बाद उनकी पोस्ट पर लोग उनके समर्थन और विरोध में उतर आए.
कई ट्विटर यूज़र ने उन्हें भारत और बॉलीवुड छोड़कर जाने के लिए भी कह दिया.
दरअसल, ये वाक़या तब शुरू हुआ जब मनीषा कोइराला ने नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप गयावली के एक ट्वीट को रिट्वीट किया था.
नेपाल के विदेश मंत्री ने नेपाली में ट्वीट करके यह जानकारी सार्वजनिक की थी कि नेपाल की मंत्रिपरिषद ने लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नए नक़्शे में शामिल करने का फ़ैसला किया है, जो जल्द ही जारी किया जाएगा.
मनीषा कोइराला ने नेपाली विदेश मंत्री के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था, “हमारे छोटे राष्ट्र की गरिमा बनाए रखने के लिए शुक्रिया. हम सभी तीन महान राष्ट्रों के बीच शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं.”
उनका यह ट्वीट करना ही था कि इस पर कमेंट की बाढ़ सी आ गई.
‘भारत छोड़ देना चाहिए’
उमा नामक एक ट्विटर यूज़र ने लिखा कि मनीषा आपको शर्म नहीं है, आपको भारत छोड़ देना चाहिए.
वहीं, दिनेश बिक्रम थापा लिखते हैं कि जब कोई कलाकार अपने दिमाग़ से बोलता है, इसे वही कहते हैं.
उत्सव पोखरेल ने ट्वीट किया कि दोनों देशों के साथ संबंध रखने वाले किसी व्यक्ति से ऐसा सुनना अच्छा लगता है.
पीयूष मिश्रा मनीषा कोइराला के ट्वीट पर कमेंट करते हैं कि नेपाल हमेशा से भारत विरोधी रहा है और उसकी नज़रें हमेशा भारत की भूमि पर रही हैं.
हर्षित मेहता लिखते हैं कि पाकिस्तानियों के बाद अब नेपालियों ने भारत को नीचा दिखाकर बॉलीवुड को उसकी जगह दिखा दी है, हमारे राष्ट्र की अखंडता को लेकर भारतीय कलाकारों की ओर से कोई बयान आया? नहीं.
इस ट्वीट के बाद मनीषा कोइराला ने नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र बिक्रम शाह के ट्वीट को रिट्वीट किया लेकिन उन्होंने इसमें कुछ लिखा नहीं था, इस पर भी लोगों ने उस पर मिली-जुली टिप्पणी की.
दरअसल, नेपाल के पूर्व नरेश ने लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को नए नक़्शे में शामिल किए जाने का समर्थन किया था.
नेपाली नागरिकता रखने वाली मनीषा कोइराला बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हैं. वो लगभग 30 साल से बॉलीवुड में सक्रिय हैं और नेपाल के राज-परिवार से संबंध रखती हैं.
हाल ही में वो नेटफ़्लिक्स की मस्का फ़िल्म में नज़र आई थीं.
क्या है पूरा मामला
हाल ही में नेपाल कैबिनेट ने एक नए नक़्शे पर मुहर लगाई थी जिसमें लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताया गया है.
नेपाल की कैबिनेट ने इसे अपना जायज़ दावा क़रार देते हुए कहा कि महाकाली (शारदा) नदी का स्रोत दरअसल लिम्पियाधुरा ही है जो फ़िलहाल भारत के उत्तराखंड का हिस्सा है. भारत इस दावे से इंकार करता रहा है.
छह महीने पहले भारत ने अपना नया राजनीतिक नक़्शा जारी किया था जिसमें जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ के रूप में दिखाया गया था.
इस मैप में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को भारत का हिस्सा बताया गया था. नेपाल इन इलाक़ों पर लंबे समय से अपना दावा जताता रहा है.
हाल ही में भारत ने लिपुलेख इलाक़े में एक सड़क का उद्घाटन किया था.
लिपुलेख से होकर ही तिब्बत चीन के मानसरोवर जाने का रास्ता है. इस सड़क के बनाए जाने के बाद नेपाल ने कड़े शब्दों में भारत के क़दम का विरोध किया था.
-BBC

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