Maneka Gandhi ने दिए यूट्यूब व एनजीओ पर FIR दर्ज करने के निर्देश

Maneka Gandhi ने बताया कि आंगनवाड़ी में नौकरी हेतु फर्जी विज्ञापन चलाने पर की जा रही है कार्यवाही

नई दिल्‍ली। Maneka Gandhi को फर्जी विज्ञापन के सहारे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक की नौकरी दिलाने के गोरखधंधे का पता चला है। इसके बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ऐसा झूठा विज्ञापन चलाने वाले एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और यूट्यूब चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”इंटरनेट पर बाल विकास शिक्षा संगठन की वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू सीडीईओ डॉट इन और ‘New world tech यूट्यूब चैनल द्वारा एक झूठा विज्ञापन चलाया जा रहा है, जिसमें उनके द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम को करने पर सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा हेल्पर्स की नौकरी दिलाने की गारंटी दी गई है।

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, बयान में कहा गया है कि इस विज्ञापन में लोगों से ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए 300 रुपये एप्लीकेशन फीस मांगी जा रही है। यह झूठा विज्ञापन है। Maneka Gandhi केे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा यह चेतावनी जारी की जा रही है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को करने से किसी तरह की नौकरी नहीं दी जाती है।

Maneka Gandhi के मंत्रालय ने कहा कि पुलिस से इस वेबसाइट/पोर्टल को चलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने के लिए कहा गया है। इससे लोगों को इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों के जाल में फंसने से बचाया जा सकेगा।

इससे पहले बाल सुधार गृह को लेकर सांसदों के रवैये पर भड़कीं मेनका गांधी ने कहा था कि वह बीते चार वर्षों में सांसदों को अपने क्षेत्र के बालगृहों का निरीक्षण करने के लिए कई बार लिख चुकी हूं, लेकिन कोई भी सांसद एक बार भी बालगृहों में नहीं गया.

उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ उनके मंत्रालय की बड़ी उपलब्धि रही है और इसमें भी पंजाब और हरियाणा ने बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मेनका गांधी ने इतनी बेबाकी से किसी घटना पर अपने विचार रखें हों. इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल में दो वर्षीय बच्चे के यौन शोषण के मामले का उल्लेख करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि बाल यौन शोषण के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी. उन्होंने ट्वीट किया, “मैं पश्चिम बंगाल में दो वर्षीय बच्चे के साथ हुए भीषण शोषण से बुरी तरह परेशान हूं. मैंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को मामले में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.”

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »