नागरिकता कानून के खिलाफ सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पिछले चार दिनों से जारी हिंसा के बाद सोमवार को राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतर आईं। तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित विशाल रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द हमारा लक्ष्‍य और हम पश्चिम बंगाल में एनआरसी को लागू नहीं करेंगे।
उन्‍होंने कहा कि हम राज्‍य में नागरिकता संशोधन कानून को भी लागू नहीं करेंगे। उन्‍होंने इन दोनों को ही असंवैधानिक बताया।
ममता ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कोलकाता की सड़कों पर उतर आईं और विशाल रैली आयोजित की। उनके साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ नजर आई। उन्‍होंने कहा, ‘हम सभी नागरिक हैं। सांप्रदायिक सौहार्द हमारा लक्ष्‍य है। हम एनआरसी और कैब को पश्चिम बंगाल में अनुमति नहीं देंगे।’ बता दें कि नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल में लगातार चौथे दिन सोमवार को भी हिंसात्‍मक विरोध प्रदर्शन जारी है।
राज्‍य के अधिकारियों ने बताया कि सड़क जाम करने और ट्रेन रोकने की घटनाएं राज्‍य के कई हिस्‍सों में हुई हैं। सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी मिदनापुर और मुर्शिदाबाद जिलों में प्रदर्शनकारियों ने रास्‍ता रोक दिया जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्‍कत हुई। उन्‍होंने बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
पश्चिम बंगाल सरकार के 6 जिलों में इंटरनेट सेवा पर रोक
पश्चिम बंगाल सरकार ने 6 जिलों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मालदा, उत्तर दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गयी है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सियालदह-डायमंड हार्बर और सियालदह-नमखाना सेक्टर में पटरियों को जाम कर दिया है।
रेलवे अधिकारी ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार रात में उलुबेरिया पुलिस थाने के प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों के हमलों में घायल हो गए हैं। जिला अधिकारियों ने बताया कि उन्हें निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नदिया और बीरभूम जिलों में हिंसा, लूट-पाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
बीजेपी ने सरकार पर लगाया साजिश का आरोप
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने जिलों में इंटरनेट सेवाओं को स्थगित किए जाने को ‘असली तथ्यों’ को बाहर आने से रोकने की साजिश करार दिया है। घोष ने संवाददाताओं को बताया, ‘यह प्रदेश में जारी अशांति को रोके जाने का कदम नहीं हो सकता। यह कुछ और नहीं बल्कि असली तथ्यों को बाहर आने से रोकने के लिए सरकार की साजिश है। उन्होंने इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है जिससे देश के दूसरे हिस्सों में लोगों को यह न पता चले कि इन जगहों पर किस तरह की ज्यादतियां हो रही हैं।’ बीजेपी के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने सत्तारूढ़ पार्टी पर राज्य में खराब होती कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में करने के लिए बहुत कम प्रयास करने का आरोप लगाया है।
-एजेंसियां

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