केंद्र की योजनाओं को लागू करने में ममता सरकार सबसे आगे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद को शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे कटु आलोचक के रूप में स्थापित करना चाहती हैं, लेकिन यह बात राज्य में केंद्र सरकार की अच्छी योजनाओं को लागू करने की राह में बाधा नहीं बन रही है, विशेषकर उन योजनाओं के मामले में, जो ग्रामीणों के लिए हैं।
बंगाल ने केंद्र की कई योजनाओं को लागू करने के मामले में दूसरे राज्यों से आगे निकलकर कई पुरस्कार जीते हैं। उदाहरण के लिए ‘आजीविका संवर्धन’ के मामले में केंद्र ने पूरे देश में बंगाल को अव्वल राज्य घोषित किया है। मनरेगा को बंगाल ने सबसे अच्छी तरह लागू किया गया है। रूरल हाउसिंग स्कीम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का बेहतरीन कार्यान्वयन करने वाले तीन राज्यों में बंगाल भी है। मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना को इस योजना को सबसे अच्छी तरह अमल में लाने के लिए पुरस्कृत किया गया है।
प्रदेश के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बताया, ‘ममता बनर्जी जिला प्रशासन के अधिकारियों की मदद से चलने वाली योजनाओं की जड़ तक पहुंचीं और ऐसे जिलों में लगभग 440 प्रशासनिक बैठकें कीं।’ केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बंगाल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या आयुष्मान भारत योजना शुरू करने की इच्छाशक्ति दिखाने में भी दूसरे राज्यों से आगे है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सौभाग्य योजना के तहत इसने 64% का लक्ष्य हासिल किया है, जो राष्ट्रीय औसत 42% से अधिक है।
-एजेंसियां

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