मालदीव की नई सरकार ने चीन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को खत्‍म करने का ऐलान किया

माले। मालदीव में नई सरकार बनने के साथ ही चीन के मुकाबले भारत कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से मजबूत हो गया है। द्वीपीय देश की नई सरकार ने चीन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर आने का ऐलान किया है। यह करार पिछली सरकार ने किया था।
मालदीव में नई सरकार के गठन के साथ ही चीन का दखल वहां कम होने लगा है और कूटनीतिक पलड़ा भारत की ओर से झुकता दिख रहा है। नई बनी गठबंधन सरकार में शामिल सबसे बड़ी पार्टी के मुखिया ने ऐलान किया है कि मालदीव चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर निकलेगा। उन्होंने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी के साथ किए गए करार को द्वीपीय देश की एक गलती करार दिया।
इस ऐलान के साथ ही समुद्री किनारों पर शानदार रिजॉर्ट्स के लिए चर्चित देश में भारत कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से मजबूत पकड़ बनाता दिख रहा है। सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करने वाले मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के चीफ मोहम्मद नशीद ने कहा, ‘चीन और मालदीव के बीच व्यापारिक असंतुलन बहुत ज्यादा है और कोई भी ऐसी स्थिति में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बारे में सोच नहीं सकता।’
उन्होंने इस समझौते को वन-वे करार देते हुए कहा कि चीन हमसे कुछ नहीं खरीदता है। बता दें कि शनिवार को अपना कार्यभार संभालने पर प्रेसीडेंट इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने कहा था कि देश के खजाने को लूटा गया है। पिछली सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा था कि देश चीन से भारी कर्ज लेने के चलते संकट के दौर से गुजर रहा है।
गौरतलब है कि पूर्व प्रेसीडेंट अब्दुल्ला यामीन ने पिछले साल दिसंबर में अपने पेइचिंग दौरे के वक्त चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किए थे। उसी महीने उनकी सरकार ने विपक्ष के विरोध के बाद भी इस प्रस्ताव को संसद से पारित करा लिया था। वह इसी साल सितंबर में चुनाव में हारने के बाद सत्ता से बाहर हो गए थे।
-एजेंसियां

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