मालदीव ने कहा, भारत पर इस्लामोफोबिया के प्रोत्साहन का आरोप ग़लत

पाकिस्तान समेत इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन OIC की ओर से भारत पर इस्लामोफ़ोबिया को लेकर सवाल उठाए गए थे. लेकिन मालदीव ने भारत का इस मामले में मज़बूती से बचाव किया है.
मालदीव ने कहा है कि भारत पर इस्लामोफोबिया को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाना ग़लत है.
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने हाल ही में OIC की एक ऑनलाइन मीटिंग में दावा किया था कि भारत इस्लामोफोबिया को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है लेकिन मालदीव ने पाकिस्तान के दावे को ख़ारिज कर दिया और कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां 20 करोड़ से ज़्यादा मुसलमान रहते हैं और ऐसे में इस्लामोफोबिया का आरोप लगाना तथ्यात्मक रूप से ग़लत है और इस तरह का आरोप दक्षिण एशिया में धार्मिक सद्भावना के लिए घातक हैं.
मालदीव ने कहा कि सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार को एक अरब 30 करोड़ आबादी वाले भारत की मंशा के तौर पर नहीं पेश किया जा सकता. मालदीव ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में इस्लामिक देश सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, अफ़ग़ानिस्तान और फ़लस्तीनियों से मज़बूत संबंध विकसित किए हैं. मालदीव ने कहा कि इन देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाज़ा है. मालदीव ने यह भी कहा कि पाकिस्तान समेत दक्षिण एशिया के सभी देशों को साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है और पाकिस्तान को थोड़ा उदार रवैया अपनाना चाहिए.
ओआईसी के भीतर मालदीव उन देशों में शामिल है जो पिछले कुछ सालों से भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की लाइन का विरोध करता रहा है. 2018 में मालदीव में सत्ता परिवर्तन के बाद से भारत के संबंधों में मधुरता आई है. इससे पहले की सरकार चीन के ज़्यादा क़रीब थी. हिन्द महासागर में भारत एक अहम देश है. हाल ही में भारत ने केसरी पोत के ज़रिए मालदीव, मॉरिशस, मेडागास्कर और कोमोरोस में कोविड 19 को लेकर मेडिकल आपूर्ति भेजी थी.
-BBC

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