मुठभेड़ में मारा गया कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे

कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स के साथ मुठभेड़ में मारा गया। एसटीएफ उसे उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर आ रही थी, इस दौरान पुलिस की गाड़ी पटल गई जिसका फायदा उठाकर विकास दुबे ने एक सिपाही की रिवॉल्‍वर छीनकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में विकास दुबे गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस उसे अस्‍पताल लेकर गई जहां डॉक्‍टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ख़बर के मुताबिक़ कानपुर पहुंचने के रास्ते में ही काफ़िले की एक गाड़ी पलट गई। यह हादसा सचेंडी हाइवे के पास हुआ।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाड़ी पलटने से कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए थे और उन्हीं घायल पुलिस कर्मियों की पिस्तौल लेकर वो भागने की कोशिश कर रहा था। जिसके बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन उसने फ़ायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फ़ायरिंग की।
हालांकि विकास को कितनी गोलियां लगी हैं, इसकी कोई जानकारी समाचार लिखे जाने तक नहीं दी गई है परंतु कानपुर में अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि विकास दुबे मारा गया।
विकास दुबे के ऊपर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप था। कल ही उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से करीब 150 घंटे के बाद गिरफ्तार किया गया था।
विकास दुबे के शव को अब कानपुर के हैलट अस्पताल लाया गया है।
इससे पहले रात में करीब सवा तीन बजे एसटीएफ टीम का काफिला झांसी के टोल प्लाजा से गुजरा तो वहां पर आम वाहनों की आवाजाही बिल्कुल रोक दी गई थी। पुलिस अब किसी भी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहती थी, जिस वजह से आरोपी विकास दुबे को सुरक्षित कानपुर लाने के लिए यूपी एसटीएफ की टीम पूरे इंतजाम से काम करती दिखी।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से अरेस्ट
गुरुवार की सुबह आरो

गाड़ी पलटने पर विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पार्टी पर फायरिंग करना शुरू कर दिया।
गाड़ी पलटने पर विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मी से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पार्टी पर फायरिंग करना शुरू कर दिया।

पी विकास दुबे को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के प्रांगण से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने विकास दुबे को यूपी पुलिस को सौंप दिया था।
आठ घंटे तक हुई पूछताछ
यूपी रवानगी से पहले उससे अज्ञात स्थान पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आठ घंटे तक पूछताछ की। बता दें कि विकास दुबे उत्तर प्रदेश के नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी से मध्यप्रदेश पहुंचा था। गाड़ी पर हाईकोर्ट लिखा हुआ था। इसी कारण वह आसानी से सीमा पार कर पाया। गाड़ी किसी मनोज यादव के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। मनोज यादव ने विकास दुबे से किसी भी तरह का कोई संबंध होने की बात नकारी है। देर शाम तक विकास दुबे की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ ही विकास को छोटे बेटे को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पत्नीऔर बेटा गिरफ्तार
यूपी के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास को मध्यप्रदेश के उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस ला रही है। दुबे को मध्य प्रदेश पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार किया है। उधर लखनऊ की कृष्णा नगर पुलिस ने देर शाम विकास दूबे की पत्नी ऋचा और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने विकास के नौकर को भी हिरासत में लिया है। कृष्णा नगर पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।
-एजेंसियां

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