लाइफस्टाइल से बढ़ रही है मेल फर्टिलिटी की प्रॉब्लम

मेल फर्टिलिटी की प्रॉब्लम आजकल की लाइफस्टाइल और खानपान के कारण बढ़ती जा रही है। इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर, नई दिल्ली की फाउंडर और चेयरपर्सन डॉ. रीता बक्शी का कहना है कि आजकल के युवा पुरुषों में स्पर्म काउंट की कमी और खराब क्वालिटी की प्रॉब्लम बहुत आम है। शादी के बाद जब पिता बनने में दिक्कत होती है तो ऐसे कपल्स उनके पास आते हैं जिनमें से अधिकांश की प्रॉब्लम लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और हेल्दी डाइट के जरिए ठीक हो जाती है।
क्या होती है मेल फर्टिलिटी?
जब कोई पुरुष गुड स्पर्म काउंट और क्वालिटी के कारण अपनी फीमेल पार्टनर को प्रेग्नेंट कर पाने में समर्थ होता है तो उसे मेल फर्टिलिटी कहा जाता है।
कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, लिबिडो, स्पर्म काउंट में कमी , खराब स्पर्म मॉटिलिटी, टेस्टोस्टेरॉन लेवल में कमी जैसे चीजों के कारण मेल फर्टिलिटी प्रभावित होती है।
वैसे जितनी अच्छी और हेल्दी डाइट होगी, स्पर्म काउंट उतना ज्यादा अच्छा होगा और मेल फर्टिलिटी बढ़ने के चांस भी ज्यादा होंगे। फ्रेश फ्रूट, वेजिटेबल्स, प्रोटीन, डेयरी प्रोडक्ट्स, ड्रायफ्रूट्स और नट्स वगैरह खाने से पुरुषों में स्टेमिना और ताकत तो बढ़ती ही है, स्पर्म काउंट और क्वालिटी भी बेहतर होती है।
फर्टिलिटी (Fertility) बढ़ाने का तरीका
विटामिन C वाले फूड जैसे आंवला, अमरूद, शिमला मिर्च जैसे फूड खाने से स्पर्म काउंट और क्वालिटी में सुधार होता है।
कई रिसर्च में विटामिन C को स्पर्म काउंट और क्वालिटी बढ़ाने में हेल्पफुल पाया गया है।
विटामिन C स्पर्म को डैमेज होने से बचाता है।
विटामिन C की कमी से पुरुषों में स्पर्म काउंट और क्वालिटी में कमी देखी गई है। विटामिन C की खुराक लेने के कारण पुरुषों की फर्टिलिटी में काफी इम्प्रूवमेंट देखा गया है।
स्पर्म काउंट ( Sperm Count) बढ़ाने के लिए -एंटी ऑक्सीडेंट्स वाले फूड जैसे अनार, अंगूर, अखरोट, राजमा, मुनक्का खाने से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, लो स्पर्म काउंट में सुधार होता है।
जर्नल फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी की एक स्टडी के मुताबिक एंटी ऑक्सीडेंट रिच फूड खाने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट, क्वालिटी और मूवमेंट काफी बेहतर पाया गया है। एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी का इम्यून सिस्टम तो बेहतर करते ही हैं, बॉडी के सेल्स को फ्री रेडिकल्स से बचाकर डैमेज होने से रोकते हैं। रेग्युलर एंटी ऑक्सीडेंट वाले फूड खाने से सीमेन गाढ़ा होता है और फर्टिलिटी के चांस बढ़ जाते हैं।
-एजेंसी