3 किलोमीटर की नहर खोदने वाले भुईंयां को महिंद्रा समूह ने गिफ्ट किया ट्रैक्टर

गया। बिहार के गया में रहने वाले किसान लौंगी भुईंयां ने लगातार तीस साल तक मेहनत करके करीब तीन किलोमीटर लंबी नहर खोद दी। उनके इस कारनामे के बाद वो लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इसी बीच महिंद्रा समूह की ओर से लौंगी भुईंया को एक ट्रैक्टर गिफ्ट किया गया है।
खुद महिंद्रा समूह के चेयरमैन ने एक ट्वीट में कहा कि ‘उनको ट्रैक्टर देना मेरा सौभाग्य होगा।’ अब मिलने के बाद लौंगी भुईंया ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी ऐसा नहीं सोचा था। मैं बहुत खुश हूं।
‘लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर गिफ्ट करना सौभाग्य की बात’
गया स्थित महिंद्रा कंपनी के डीलर सिद्धिनाथ विश्वकर्मा ने लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर गिफ्ट किया है। उन्होंने बताया कि आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट में कहा कि लौंगी भुईंयां को ट्रैक्टर गिफ्ट करना सौभाग्य की बात होगी। इसके बाद एरिया ऑफिस में एक मेल आया जिसमें ट्रैक्टर देने का जिक्र था। उन्होंने कहा कि मैं बेहद भाग्यशाली हूं कि इस खास मौके का हिस्सा बन सका। मुझे गर्व है कि मैं गया का रहने वाला हूं, जहां लौंगी भुईंयां जैसे लोग रहते हैं।
ट्रैक्टर पाकर बोले लौंगी भुईंयां, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था
दूसरी ओर अपनी मेहनत और लगन से नहर बनाने वाले लौंगी भुईंयां ट्रैक्टर पाकर बेहद खुश हैं। उन्होंने इस गिफ्ट को पाने के बाद कहा कि ये मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कभी कभी नहीं सोचा था। ट्रैक्टर पाकर मैं बेहद खुश हूं।
सिंचाई में होती थी परेशानी, इसलिए बनाई नहर
कहा जाता है कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का हौसला हो तो कोई भी बाधा आपके आड़े नहीं आ सकती। ऐसा ही कुछ करके दिखाया गया के लौंगी भुईंयां ने, जिन्होंने लहथुआ इलाके में स्थित अपने गांव में खुद की मेहनत से तीन किलोमीटर लंबी नहर खोद दी। सिंचाई की समस्या से खेती में परेशानी आती थी, जिसकी वजह से उन्होंने नहर खोदने का फैसला लिया।
इस तरह से लौंगी भुईंयां को आया नहर खोदने का प्लान
लौंगी भुईंयां ने बताया कि उन्हें नहर खोदने का विचार तब आया जब उन्होंने देखा गांव के पास ही जलाशय है। उसमें पानी है लेकिन खेती में सिंचाई को लेकर पानी की कमी रहती है। ऐसे में उन्हें लगा कि अगर इस जलाशय से नहर बनाई जाए तो खेतों तक पानी पहुंच सकता है। बस इसी के बाद उन्होंनें कुदाल-फावड़ा और दूसरे घरेलू औजारों के जरिए उन्होंने खुदाई शुरू कर दी। यही नहीं 30 साल की मेहनत का ही असर है कि करीब 3 किलोमीटर लंबी नहर बनाने में वो सफल रहे।
-एजेंसियां

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