धीमे स्ट्राइक रेट की वजह से महेंद्र सिंह Dhoni की फिर आलोचना

विशाखापत्तनम। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच से एक बार फिर महेंद्र सिंह Dhoni की धीमे स्ट्राइक रेट की वजह से आलोचना हो रही है, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल को लगता है कि उस धीमी पिच पर यह पूर्व भारतीय कप्तान इतना ही कर सकता था। भारत के 7 विकेट पर 126 रन के स्कोर में Dhoni ने 37 गेंद में 29 रन बनाए, इस पिच पर गेंद सीधे बल्ले पर नहीं आ रही थी।
लगातार विकेट गिर चुके थे और वह क्रीज पर युजवेंद्र चहल के साथ थे। मैक्सवेल ने Dhoni का बचाव करते हुए कहा, ‘यह (धीमी रन गति) शायद ठीक ही थी। विकेट जिस तरह से बर्ताव कर रहा था, इस पर किसी भी बल्लेबाज के लिए रन बनाना बहुत मुश्किल था और वो भी ऐसे खिलाड़ी चहल के साथ जो हिट करने में माहिर नहीं हो।’
यह ऐसी पिच थी जिसमें गेंद नीची रह रही थी और धोनी केवल एक ही छक्का लगा सके। मैक्सवेल ने कहा, ‘महेंद्र सिंह धोनी निश्चित रूप से एक विश्व स्तरीय फिनिशर हैं और उन्हें बल्ले के बीच से गेंद हिट करने में मुश्किल हो रही थी। इसलिए मुझे लगता है कि यह सही था कि वह स्ट्राइक रोटेट करते रहे।’
मैक्सवेल ने कहा, उन्होंने अंतिम ओवर में एक छक्का जमाया और मुझे लगता है कि इससे साफ दिखता है कि वहां कितनी मुश्किल हो रही थी।’ उन्होंने धोनी पर लगाम लगाए रखने के लिए अपने गेंदबाजों की भी तारीफ की।
उमेश यादव के बचाव में आए बुमराह
उधर जसप्रीत बुमराह ने आलोचनाओं से घिरे उमेश यादव का बचाव करते हुए कहा कि कोई दिन ऐसा भी होता है जब अंतिम ओवर में गेंदबाजी की रणनीति कारगर नहीं हो पाती। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती टी20 के अंतिम ओवर में उमेश 14 रन का बचाव नहीं कर सके। वहीं बुमराह ने 19वें ओवर में शानदार गेंदबाजी से केवल दो रन दिए और भारत को मैच में वापसी कराई।
इससे उमेश को अंतिम ओवर में 14 रन का बचाव करके ऑस्ट्रेलिया को 127 रन के लक्ष्य तक पहुंचने से रोकना था। उमेश के अंतिम ओवर में बारे में पूछने पर बुमराह ने सीनियर साथी का बचाव करते हुए कहा, ‘ऐसा हो जाता है, किसी भी हालात में अंतिम ओवर में गेंदबाजी करना हमेशा मुश्किल होता है। यह दोनों तरफ जा सकता है और कभी कभार तो इसमें आधी-आधी संभावनाएं ही होती हैं।’
-एजेंसियां

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