महात्मा गांधी की जीवनशैली ने कोई carbon footprint नहीं छोड़ा, दुनिया को दी एक सीख: मोदी

नई दिल्‍ली/सियोल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा पर कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का सामना कर रही दुनिया के लिए महात्मा गांधी की जीवनशैली एक महत्वपूर्ण सबक है, उन्होंने ऐसा जीवन जिया जिसने कोई carbon footprint नहीं छोड़ा।

उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी कहा करते थे कि ईश्वर और प्रकृति ने मानव की जरूरत को पूरा करने के लिए हर चीज दी है लेकिन लालच के लिए नहीं दी है। यदि हम अपने लालच को संतुष्ट करना चाहते हैं तो प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त नहीं होंगे। वह कहा करते थे कि हमारा जीवन जरूरत आधारित होना चाहिए, ना कि लालच आधारित।’ मोदी ने कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन वह दो बड़ी चुनौतियां हैं जिसका मानव जाति सामना कर रही है। वहीं, महात्मा गांधी की शिक्षाएं दुनिया को इन दोनों मुद्दों का हल करने में मदद कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी के जीवनकाल में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई लेकिन उन्होंने ऐसा जीवन जिया जिसने कोई कार्बन फुटप्रिंट नहीं छोड़ा। उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित ग्रह (पृथ्वी) छोड़ना महत्वपूर्ण है।’ गौरतलब है कि ‘कार्बन फुटप्रिंट’ को किसी व्यक्ति, संगठन या उत्पाद द्वारा किए गए कार्बन डाइऑक्साइड के कुल उत्सर्जन के रूप में परिभाषित किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘गांधी कहा करते थे कि हमें भावी पीढ़ी से प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का कोई अधिकार नहीं है। हम उनके लिए एक बेहतर दुनिया छोड़ सकते हैं ताकि वे स्वच्छ हवा में सांस ले सकें और स्वच्छ जल प्राप्त कर सकें।’

पीएम ने कहा कि ‘वैष्णव जन’ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर विश्व के करीब 155 देशों के गायकों ने गाया। अब यह एक वैश्विक विरासत बन चुका है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है। मोदी राष्ट्रपति मून जेई-इन के न्यौते पर दक्षिण कोरिया की यात्रा पर हैं। 2015 से उनकी दक्षिण कोरिया की यह दूसरी यात्रा और राष्ट्रपति मून जेई-इन के साथ दूसरी बैठक है।

महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के बाद प्रधानमंत्री दक्षिण कोरियाई शहर गिमहाई के मेयर से मिले और दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों को प्रदर्शित करते हुए उन्हें बोधि वृक्ष का एक पौधा उपहार में दिया। अयोध्या और गिमहाई को सिस्टर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 2000 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

महात्मा गांधी की एक प्रतिमा का यहां प्रख्यात योनसेई विश्वविद्यालय में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई-इन और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून के साथ अनावरण करने के दौरान मोदी ने कहा कि 20वीं सदी में महात्मा गांधी शायद मानव जाति को सबसे बड़ा तोहफा थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पिछली सदी में अपनी शख्सियत, अपने जीवन एवं मूल्यों के जरिए महात्मा गांधी ने हमें दिखाया कि भविष्य क्या होगा। वह कहा करते थे कि मेरा जीवन मेरी सीख है।’ प्रधानमंत्री मोदी दो दिनों की यात्रा पर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे।

भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत

भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और यह जल्द ही पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
वह दक्षिण कोरिया में भारत-कोरिया व्यापार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा कि भारत अब पहले से अधिक खुली अर्थव्यवस्था है। पिछले चार साल में देश में 250 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है।

उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई और बड़ी अर्थव्यवस्था इस तरह साल दर साल सात फीसदी की वृद्धि दर से नहीं बढ़ी है। आर्थिक सुधारों की बदौलत विश्व बैंक की कारोबार सुगमता सूची में बड़ी छलांग लगाते हुए भारत 77वें स्थान पर पहुंच गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल तक उन्होंने भारत को शीर्ष 50 कारोबार सुगमता वाले देशों की सूची में शामिल कराने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम सहयोग की प्रणाली उपलब्ध कराना है। भारत अवसरों की भूमि के तौर पर उभरकर सामने आया है।

पीएम ने कहा कि भारत में व्यापार को लेकर अपार संभावनाएं हैं क्योंकि यह एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में हम सालों से 77वें पायदान से 65वें पायदान पर पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि 99 फीसदी हाउस होल्ड के पास इस वक्त खुद का बैंक अकाउंट है। भारत संभावनाओं की भूमि के तौर पर उभरा है। जब हम साथ काम करते हैं तो सपने साकार करने की दिशा में काम करते हैं, हम समान विचार वाले सहयोगियों की तलाश करते हैं। हम दक्षिण कोरिया को वास्तव में स्वाभाविक भागीदार के रूप में देखते हैं।

प्रधानमंत्री ने रवानगी से पहले दक्षिण कोरिया को ‘मेक इन इंडिया’ जैसी भारत की अहम पहलों में एक महत्वपूर्ण सहयोगी बताया था। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र के साथी के रूप में भारत और दक्षिण कोरिया विश्व शांति के लिए साझा मूल्य और दृष्टिकोण साझा करते हैं।

प्रधानमंत्री ने किया प्रवासी भारतीयों को संबोधित, कहा- मैं बार बार आऊंगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियोल में रहने वाले भारतीयों से कहा कि आप भारत के एंबेसडर हैं। तीन करोड़ भारतीय जो विदेश में रहते हैं उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन से दुनिया भर में देश की साख बढ़ी है। भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले 15 सालों में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरिया व भारत के संबंध सौहार्द्रपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां बार-बार आऊंगा।’

पीएम ने कहा कि भारत और कोरिया के संबंधों का आधार केवल व्यापारिक संबंध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य आधार लोगों का लोगों से संबंध (पीपल टू पीपल कांटैक्ट) है। उन्होंने कहा कि यहां पर भारतीय मेधा और कौशल का बहुत सम्मान है। आप कोरिया में रिसर्च और इनोवेशन में योगदान दे रहे हैं। पीएम ने कहा भारत और कोरिया के बीच आत्मीयता का यह संपर्क नया नहीं है।

एतिहासिक उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में भारत की राजकुमारी सूरीरत्ना हजारों किलोमीटर की यात्रा कर यहां आईं थीं। उन्होंने कहा कि कोरिया के साथ हर दिन हमारे संबंध मजबूत रहे हैं और मजबूती के साथ बढ़ते जा रहे है। कोरिया और भारत शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं।

-एजेंसी

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