Mahashivratri 2019 में 18 सालों बाद आया ऐसा महासंयोग

Mahashivratri 2019 में  इस बार 18 सालों बाद ऐसा महासंयोग आया है जिसमें महाशिवरात्रि इस बार सोमवार को होने से बहुत ही खास बन गया है। सोमवार भगवान शिव का दिन है। शास्त्रों के हवाले से बताया गया है कि शिव के दिन व्रत-पूजन होने से अखंड सौभाग्य व सिद्धियोग, शिवयोग, कल्पयोग और आनंदयोग का महासंयोग बन रहा है। ऐसा महासंयोग 18 वर्षों के बाद बना है। इससे यह महाशिवरात्रि अत्यधिक फलदायी हो गयी है।

धतूरा,भस्म शिर्वंलग पर चढ़ाने से ग्रहों से मुक्ति होगी 

महाशिवरात्रि पर अनुसार महाशिवरात्रि पर सूर्य उत्तरायण रहते हैं और चंद्रमा कमजोर स्थिति में होते हैं। चंद्रमा मन के कारक हैं इसलिए चंद्रमा को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए। वहीं शिवलिंग पर अबरख, भस्म और धतूरा चढ़ाने से काल सर्प पितृ दोष व गोचरों में नीच ग्रहों के प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। पंचामृत स्नान कराने से सातजन्मों के पापों का नाश होगा। सोमवार को शिव-पार्वती के विवाहोत्सव की धूमधाम रहेगी।

जागरण, रुद्राभिषेक से कल्याण होगा

महाशिवरात्रि पर शिव पूजन, व्रत के साथ जागरण और रुद्राभिषेक से महादेव की कृपा मिलेगी।

शिवपुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही शिवलिंग का धरती पर प्रादुर्भाव हुआ था। मध्यरात्रि में महादेव का रुद्रावतार भी हुआ था। सूर्य पुराण के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव धरती पर भ्रमण करने निकलते हैं। इसलिए शिवरात्रि का पूजन व व्रत करने से वर्षभर के शिवरात्रि के समान फल की प्राप्ति होती है।

4 मार्च की कुंडली में सातों ग्रह एक के बाद एक दूसरे स्थान पर हैं। इससे अर्थ चंद्र योग बन रहा है। शिव को चंद्र प्रिय है और शिव के जटा में चंद्र विराजमान हैं। खास बात यह है कि 12वें भाव में केतु व चंद्र की उपस्थिति साथ होने से धार्मिक अनुष्ठान व पूजन काफी लाभकारक माना गया है।

महाशिवरात्रि पर मथुरा में भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली

आज महाशिवरात्रि पर मथुरा में भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई। जन्मस्थान से शुरू हुई बारात में भैरों बाबा, मां चंडी देवी, भगवान ब्रह्मा-विष्णु सहित अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल हुईं। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की और आरती उतारी।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित भोलेनाथ की बारात में उनके गण के स्वरूप नृत्य करते चल रहे थे। नगाड़ों की ध्वनि पर भगवान शिव के गणों केसाथ भक्त भी झूम उठे।

भगवान कृष्ण की नगरी में शिव की बारात के दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम लगा रहा। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा की।

-एजेंसी

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