महाराष्ट्र सरकार शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन की सशर्त अनुमति देने को तैयार

मुंबई। लॉकडाउन लागू होने से पहले ही फिल्मों और टीवी की शूटिंग रुकी हुई है और निर्माताओं को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब महाराष्ट्र सरकार ने दोबारा सीमित तौर पर फिल्मों की शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के काम को अनुमति देने का मन बना लिया है।
कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में फिल्म इंडस्ट्री को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लॉकडाउन लागू होने से पहले ही फिल्मों और टीवी की शूटिंग रुकी हुई है और निर्माताओं को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब महाराष्ट्र सरकार ने दोबारा सीमित तौर पर फिल्मों की शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के काम को अनुमति देने का मन बना लिया है। इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि सिनेमाघरों के खुलने का अभी लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा।
मराठी सिनेमा, टीवी और थिअटर इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘सरकार इस बात पर विचार करेगी कि सीमित तौर पर कैसे सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों का पालन करते हुए शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम दोबारा शुरू किया जाए।’ इस प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को बचाने और फिल्म निर्माण से जीएसटी हटाने की भी मांग की है।
उद्धव ठाकरे ने भी इस बात को माना है कि लॉकडाउन का मतलब यह नहीं है कि सभी कामों को बिल्कुल रोक दिया जाए। ठाकरे ने कहा, ‘हमने इंडस्ट्रीज, व्यापार और दुकानों को सभी सावधानियों के साथ खोलने की इजाजत दे दी है।’ ठाकरे ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री से एक बड़े वर्ग का रोजगार जुड़ा हुआ है इसलिए सरकार प्रोडक्शन हाउसों को फिल्म सिटी में किराए में छूट दिए जाने पर विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि शूटिंग और प्रॉडक्शन की छूट केवल उन इलाकों में दी जाएगी जिन्हें रेड जोन घोषित नहीं किया गया है।
सीएम ने यह भी कहा है कि शूटिंग के दौरान लोगों की संख्या और वहां की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी होगा। एडिटिंग स्टूडियो के लिए भी सरकार अलग से गाइडलाइंस जारी करेगी। सीएम ने राज्य के संस्कृति मंत्रालय से इस बात पर विचार करने को कहा है कि क्या मॉनसून से पहले दोबारा शूटिंग शुरू की जा सकती है या नहीं।
बता दें कि कोरोना वायरस के कारण लगभग 70 हिंदी, 40 मराठी और 10 वेबसीरीज की शूटिंग रुकी हुई है। इसके कारण इनसे जुड़े 3 लाख से ज्यादा लोगों का रोजगार संकट में आ गया है। एक अनुमान के मुताबिक केवल टीवी इंडस्ट्री में ही हर साल 30 हजार से ज्यादा एपिसोड्स का निर्माण किया जाता है। ऐसे में टीवी इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।
-एजेंसियां

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