महाराष्‍ट्र सरकार ने 11 हजार कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया

मुंबई। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश की जेलों में बंद 11 हजार कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है। प्रदेश के होम मिनिस्टर अनिल देशमुख ने इस बात की ऐलान किया है।
इससे पहले दिल्ली, हरियाणा और पंजाब भी कैदियों को रिहा करने का कदम उठा चुके हैं।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि ‘महाराष्ट्र की जेलों में कैद ऐसे करीब 11 हजार कैदियों जिन्हें सात साल से कम सजा मिली है, को पैरोल पर रिहा किया जाएगा। देशमुख ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी।
गृहमंत्री ने कहा, करीब 11 हजार कैदी या आरोपी जो सात साल की सजा के प्रावधान वाले मामलों में बंद हैं, उन्हें पैरोल पर रिहा किया जा सकता है।’
उन्होंने बताया, ‘मैंने पूरे राज्य के कारागारों को उचित आदेश जारी कर दिया है। महाराष्ट्र में करीब 60 जेलें हैं, जिन पर यह फैसला लागू होगा।’ हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद या आर्थिक अपराध के मामलों में बंद कैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा।
हरियाणा में कोरोना वायरस फैलने की आशंका के बीच जेल में कैदियों के दबाव को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जेल प्रशासन ने अहम फैसले लिए हैं। इसके अंतर्गत कैदियों और बंदियों को फरलो और पैरोल का प्रावधान किया गया है। जेल मंत्री ने बताया कि ऐसे हवालाती जो अधिकतम सात वर्ष तक की सजा के अपराध में जेल में बंद हैं तथा उन पर कोई अन्य केस माननीय न्यायालय में लंबित नहीं है उन्हें भी जेल में अच्छे आचरण के आधार पर जमानत पर रिहा किया जाएगा या फिर 45 से 60 दिन तक की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।
-एजेंसियां

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