धर्म संसद में शिरकत करने पर महंत नरेंद्र गिरि की सहमति

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने भी धर्म संसद में शिरकत करने की बात कही है। पहले नरेंद्र गिरि ने धर्म संसद पर सवाल खड़े किए थे लेकिन, अब उन्होंने धर्म संसद में शामिल होने की बात स्वीकारी है।
विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद में अखाड़ों के साथ आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने भी शामिल होने की हामी भर दी है।
विहिप के शिविर में 31 जनवरी ओर एक फरवरी को होने वाली धर्म संसद में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा होनी है। इसमें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, सबरीमाला में पहले वाली ही व्यवस्था लागू करने, गंगा की निर्मलता, सामाजिक समरसता पर संत मंथन करेंगे। पिछले दिनों विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एलान किया था कि संत धर्म संसद के माध्यम से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा भी करेंगे।
उधर, विहिप के शिविर में धर्मसंसद की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय तमाम पदाधिकारियों के साथ शिविर में ही डेरा लगाए हुए हैं। विहिप के केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी के मुताबिक धर्म संसद में संघ प्रमुख मोहन भागवत, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद और तमाम अखाड़ों के प्रमुख संतों ने शामिल होने का न्यौता स्वीकार कर लिया है। पिछले कई दिनों से विहिप कार्यकर्ताओं की टोली देशभर में और कुंभ में संतों को धर्म संसद में शामिल होने का न्यौता दे रही है। विहिप प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी और मीडिया प्रभारी अश्विनी मिश्र के मुताबिक जगदगुरू हंसदेवाचार्य भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
धर्म संसद की मंच पर बैठेंगे 150 संत
विहिप की धर्म संसद का मंच कुंभ मेला शिविर में तैयार किया जा रहा है। इसमें कुल 150 प्रमुख संत मंच पर अपना स्थान ग्रहण करेंगे। इन संतों के साथ विहिप के चुनिंदा पदाधिकारी मंच साझा करेंगे। मंच के दूसरे भाग में 300 अन्य संत बैठेंगे। विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि मंच की साइज 40 गुणे 90 फीट है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने बताया कि, धर्म संसद में संतों की भी बात रखी जानी है और संत ही इसमें शामिल हो रहे हैं। इसी वजह से अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष होने के नाते मैं शामिल होने जा रहा हूं।
विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय का कहना है कि, ‘धर्म संसद के लिए आमंत्रण तकरीबन बांटा जा चुका है। प्रमुख संतों ने भी आने की हामी भरी है। शिविर में इसके लिए विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है। इसमें पांच हजार लोग एक साथ बैठ सकते हैं।’
-एजेंसियां

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