हिंद महासागर में पहली बार भारतीय नौसेना के साथ गश्त कर रही है मेडागास्कर की नौसेना

नई दिल्‍ली। हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से अहम देश मेडागास्कर की नौसेना के साथ भारत समुद्री गश्त कर रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब मेडागास्कर की नौसेना भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के साथ पेट्रोलिंग कर रही है। भारतीय नौसेना की तरफ से इस मिशन में आईएनएस शार्दुल शामिल हुआ है जबकि मेडागास्कर की तरफ से तोरोजोना ने हिस्सा लिया। हिंद महासागर के महत्वपूर्ण इलाके में भारतीय नौसेना की मौजूदगी से चीन और पाकिस्तान दोनों की परेशानी बढ़ने वाली है।
भारत ने सूखे से जूझ रहे मेडागास्कर की सहायता की
एक दिन पहले ही भारत ने मेडागास्कर को 1000 टन चावल और 1 लाख हाइड्राक्सीक्लोरोक्लीन की टेबलेट्स सौंपी थी। बता दें कि मेगागास्कर के दक्षिणी इलाके में भीषण सूखा पड़ा है। जिसके कारण भारत ने अपना पड़ोसी धर्म निभाते हुए हिंद महासागर के इस देश को सबसे पहले सहायता उपलब्ध कराई है। इस मदद को लेकर मेडागास्कर पहुंचे भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस जलाश्व को रिसीव करने खुद प्रधानमंत्री लुईस नेत्से पहुंचे हुए थे।
चीन बढ़ा रहा अपनी मौजूदगी
मेडागास्कर और कोमोरोस के भू-राजनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, जहां चीन अपनी कनेक्टिविटी और सेक्यू-रिटी संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है। ऐसे में विदेश मंत्रालय ने हिंद महासागर के देशों श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स को एक डिविजन के अंतर्गत लाने का फैसला लिया था। विदेश मंत्रालय ने इसके लिए इंडियन ओसियन रीजन डिविजन के गठन का भी फैसला लिया था।
मेडागास्कर को अभी भी इंतजार
हालांकि मेडागास्कर 2019 से दोनों देशों के बीच एक रक्षा अधिकारी की नियुक्ति का इंतजार कर रहा है। रक्षा मंत्रालय को जल्द ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। भारत ने 2018 में मेडागास्कर के साथ एक रक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत उन्हें मेडागास्कर के रक्षा कर्मियों के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए कई परियोजनाओं पर चर्चा करने के लिए कहा गया था।
चीन भी पीछे नहीं
चीन की ओर से भी कहा गया है कि वो सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नजर रखने के लिए मेडागास्कर में एक रक्षा अटैशे नियुक्त करने पर भी विचार किया जा रहा है। भारत और चीन दोनों के लिए, भू-सामरिक द्वीपों के साथ द्विपक्षीय जुड़ाव को तेज करना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे पश्चिमी हिंद महासागर में अपनी नौसेना की उपस्थिति को बढ़ाते हैं।
मेडागास्कर में भारत की उपस्थिति से चीन को डर
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने मेडागास्कर में भारत की मौजूदगी पर खीज निकालते हुए कहा कि नई दिल्ली पश्चिमी हिंद महासागर में बीजिंग के कथित प्रभाव का मुकाबला करने के लिए मेडागास्कर और कोमोरोस के साथ अपनी सुरक्षा और रक्षा सहयोग को बढ़ा रहा है है। हालाँकि, इस क्षेत्र के देशों को नई दिल्ली के प्रयासों में दिलचस्पी नहीं हो सकती है जो उन्हें भारत के पक्ष में खींच सके।
हिंद महासागर के देशों को भारत के खिलाफ उकसा रहा है चीन
चीनी मीडिया ने मेडागास्कर और कोमोरोस को उकसाते हुए लिखा कि यह दोनों देश संप्रभु राष्ट्र हैं। उन्हें अपनी विदेश नीतियों को स्वयं बनाने और अपने अंतर्राष्ट्रीय मामलों को स्वयं करने का अधिकार है। वे आंख मूंदकर खुद को भारत के साथ नहीं आएंगे। इसके अलावा इन देशों ने हमेशा चीन के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं। क्योंकि, चीन हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए सक्रिय रूप से उनका समर्थन करता है।
-एजेंसियां

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