चंद्र ग्रहण: चंद्रमा व मंगल के पास आने की अद्भुत घटना पर Astronomers की नज़र

नई दिल्ली। दुनियाभर के Astronomers सदी के सबसे लंबे लगने जा रहे चंद्र ग्रहण, जिसकी अवधि 3 घंटे 55 मिनट होगी, की दुर्लभ घटना के अध्‍ययन केे लिए जुट गए हैं।

सबसे लंबे लगने जा रहे चंद्र ग्रहण व इसी समय इसके पास आ रहा लाल ग्रह मंगल इस घटना को और खास बनाने जा रहा है। जिस कारण वैज्ञानिकों समेत Astronomers इस खगोलीय घटना में खास दिलचस्पी ले रहे हैं। 27 जुलाई को चंद्रमा व मंगल के बीच मात्र सात डिग्री रह जाएगी। वैज्ञानिक अध्ययन के लिहाज से भी इस घटना को खास माना जा रहा है। जिसके लिए Astronomers ,वैज्ञानिक तैयारियों में जुट गए हैं।

आर्यभटट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे के अनुसार चंद्र ग्रहण साधारण खगोलीय घटना होने के बावजूद इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रही है। 27 जुलाई की रात 11.54 बजे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ी शुरू हो जाएगी।

एक बजे चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। जिससे पूर्णग्रहण लगा चांद नजर आएगा। पूर्णग्रहण की अवधि मध्य रात्रि बाद 2.43 बजे तक रहेगी। पूर्ण चंद्रग्रहण की अवधि 1.43 घंटे की रहेगी। यह इस सदी की सबसे लंबी अवधि होगी। इसके बाद पूर्ण ग्रहण समाप्त और आंशिक ग्रहण लगा चांद रहेगा, जो 3.49 बजे तक रहेगा। इसके बाद चंद्रमा पृथ्वी की छाया से मुक्त हो जाएगा।

चंद्रग्रहण की घटना के साथ ही मंगल ग्रह भी चंद्रमा के बेहद करीब होगा। इस दिन मंगल ग्रह समक्षता की स्थिति में होगा।

27 जुलाई को ही एक तरफ सूर्य अस्त हो रहा होगा वहीं दूसरी ओर पूर्व दिशा में लाल ग्रह उदय हो रहा होगा। इस स्थिति को समक्षता की स्थिति कहते हैं

बता दें मंगल इन दिनों धरती के काफी करीब आ पहुंचा है। मंगल के धरती के करीब पहुंचने का संयोग 2003 के बाद बनने जा रहा है। इस घटना को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल के नजदीक आने से इस स्थिति का गहराई से अध्ययन करने में काफी मदद मिलेगी। जो वैज्ञानिक इन दिनों मंगल पर आए धूल के गुबार का अध्ययन कर रहे हैं उन्हें काफी मदद मिलेगी। 31 जुलाई को मंगल धरती के सर्वाधिक करीब पहुंचेगा।

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 27 को
इस महीने की 27 तारीख को पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। 15 दिन में दो खगोलीय घटनाएं मनुष्य के जीवन को भी प्रभावित करेंगी। ज्योतिषियों के मुताबिक सूर्य ग्रहण देश में नहीं दिखेगा जबकि पूर्ण चंद्र ग्रहण देश में सामान्य तौर पर दिखाई पड़ेगा। 27 जुलाई को पड़ने वाला यह ग्रहण सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। इसकी अवधि 3 घंटे 55 मिनट होगी।

चंद्रग्रहण मेष और वृषभ राशि के जातकों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा, जबकि अन्य राशियों पर मिलाजुला असर पड़ सकता है। इससे पूर्व 26 जुलाई 1953 को 20वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण दर्ज हुआ था। उसकी अवधि 5 घंटे 27 मिनट थी। यह पूर्णावस्था में करीब 101 मिनट तक रहा। ग्रहण का असर दो राशियों को छोड़ कर अन्य सभी पर भारी बताया जा रहा है। कुछ राशियों के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

आषाढ़ पूर्णिमा पर 27 जुलाई की रात खग्रास चंद्रग्रहण रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर इसका मोक्षकाल 3 बजकर 48 मिनट पर होगा। पूरे देश में इसे देखा जा सकेगा। इसी दिन गुरु पूर्णिमा भी है। ग्रहण का सूतक लगने से पहले गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाना श्रेष्ठ है।

किस राशि पर कैसा असर
मेष और वृषभ राशि पर चंद्रग्रहण का अच्छा असर पड़ेगा। सिंह, वृश्चिक और मीन राशि पर सामान्य, मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि पर प्रभाव अच्छा नहीं होगा। इसके अलावा कर्क, धनु और कन्या पर चंद्रग्रहण का प्रभाव मिश्रित रहेगा।

-एजेंसी

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