Harmonic scalpel से KD हॉस्पीटल में हुआ यकृत ऑपरेशन

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हॉस्पीटल की शल्य चिकित्सा ईकाई ने अत्याधुनिक विदेशी चिकित्सा उपकरण Harmonic scalpel  से मीरा की जान बचा ली। मीरा के यकृत में बनी सेव जितने आकार की गांठ (हाइडेटिड सिस्ट) को Harmonic scalpel द्वारा यकृत में बिना चीरफाड़ किये ही निकाल दिया। मीरा का इलाज आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में होने से मीरा के परिजनों में हर्ष छा गया है। दूसरे एक और मामले में जन्मजात विकृति हर्शप्रंग डिजीज के चलते निष्क्रिय हुई आंतों में हुई कब्जी की शिकायत से बालिका आयुषी को मुक्ति दिला दी है। अब मीरा और आयुषी के परिजनों ने केडी हास्पीटल के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, चिकित्सक डा. श्याम बिहारी शर्मा और टीम को धन्यवाद दिया है।

केडी मेडिकल कालेज, हॉस्पीटल एंड रिसर्च सेंटर की शल्य चिकित्सा इकाई-3 की ओपीडी में महावन नगला खूटिया निवासी जगदीश प्रसाद न अपनी पत्नी मीरा उम्र 36 वर्ष ने डा. श्याम बिहारी शर्मा को दिखाया। जांचों में पता चला कि श्रीमती मीरा के लिवर में काफी सेव से भी बड़े आकार 12 गुणा 12 सेमी की गांठ है। जो कि पानी जैसे द्रव से भरी हुई थी। चिकित्सकों ने परिजनों को हारमोनिक स्केलपल से ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इससे यकृत में बिना चीरफाड के इसे निकाला जा सके। परिजनों की सहमति पर चिकित्सकों ने द्रव निकाल कर बिना यकृत की चीडफाड किये बिना ही गांठ को निकाल दिया।

दूसरे मामले में लक्ष्मी नगर स्थित गीता आश्रम निवासी शिवकुमार ने अपनी दो वर्षीय पुत्री आयुषी को केडी हॉस्पीटल की ओपीडी में डा. श्याम बिहारी शर्मा को दिखाया। बच्ची को जन्मजात विकृति हर्शप्रंग डिजीज के चलते निष्क्रिय हुई आंतों के चलते कब्ज की भयंकर शिकायत थी। हर्शप्रंग डिजीज का आगरा में पहले चरण का ऑपरेशन हो चुका था। दूसरे चरण के ऑपरेशन के लिए शिवकुमार केडी हास्पीटल आया था। ऑपरेशन के दौरान उन्होंने बडी आंत को काटकर निकालते हुए शेष आहार नाल को गुदा द्वार से जोड दिया है। दोनों ऑपरेशन में वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डा. श्याम बिहारी शर्मा, डा. अंशुल आर्य, डा. विक्रम यादव, निश्चेतना विशेषज्ञ डा. मंजू सक्सेना, डा. नवीन सहायक पवन, नाहर, दिनेश आदि का सहयोग रहा।

केडी हॉस्पीटल में हारमोनिक स्केलपल जैसी अत्याधुनिक मशीनें-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल, एमडी मनोज अग्रवाल ने ब्रजवासियों से कहा कि केडी हॉस्पीटल में अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें उपलब्ध हैं। केडी हॉस्पीटल में इन आधुनिक मशीनों से न्यूनतम शुल्क पर अनुभवी और वरिष्ठ चिकित्सकों की सहायता से ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। हारमोनिक स्केलपल मशीन से लिवर, आंतें, तिल्ली आदि अंगों में बनी गांठों के ऑपरेशन आगरा, दिल्ली और जयपुर जैसे महानगरों में काफी महंगे खर्चे पर संभव हो पाते हैं। इन सुविधाओं का लाभ ब्रजवासियों को आसानी से कम खर्चे पर उपलब्ध हो पा रहा है।

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