GL बजाज में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा

मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस में मंगलवार को मनुष्यों और देवताओं में निर्विवाद रूप से विश्व के सर्वश्रेष्ठ शिल्पी के रूप में प्रतिष्ठित भगवान विश्वकर्मा की जयंती वैदिक एवं पौराणिक मंत्रों की ध्वनि एवं हवनकुण्ड की पवित्र अग्नि में आहुतियों के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर संस्थान के समस्त इंजीनियर छात्रों तथा स्टाफ ने भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना कर उन जैसा अभिनव एवं मौलिक शिल्पकार बनने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्थान के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने सभी मशीनों तथा औजारों की भी पूजा-अर्चना की।

आर.के. एज्यूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने इंजीनियरिंग छात्रों को भगवान विश्वकर्मा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। डा. अग्रवाल ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देवताओं में शिल्पी भगवान विश्वकर्मा अपने आप में बिल्कुल अनूठे हैं, उन्होंने अपने कौशल से पौराणिककाल में ऐसी-ऐसी नायाब आकृतियां देवताओं और मानव को सौंपी हैं, जिन्हें देख और सुनकर हम आज भी चकित हो जाते हैं। डा. अग्रवाल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने ही सोने की लंका बनाई, देवताओं के लिए स्वर्ग तथा इंद्र के लिए हड्डियों के औजार बज्र का निर्माण किया।

जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डा. एल.के. त्यागी ने इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट के छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा ही हमारी इस खूबसूरत दुनिया के अद्वितीय शिल्पी हैं। डा. त्यागी ने छात्रों से कहा कि जिस तरह विश्व के रचनाकार परमात्मा विश्वकर्मा ने इस संसार को इतना सुन्दर रूप प्रदान किया ठीक उसी तरह आप सभी भावी इंजीनियरचों को इस देश व समाज को अपने कौशल व कुशलता से एक उत्कृष्ट रूप में ढालने का संकल्प लेना चाहिए। डा. त्यागी ने कहा कि हमारे हर इंजीनियर छात्र में भगवान विश्वकर्मा की उत्कृष्टता का अक्स झलकता है, जिसे उन्हें हमेशा कायम रखना है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. जगवीर सिंह, डा. भोले सिंह, प्रो. विमल गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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