लो हमने बढ़कर खोल दिया इस अंतरिक्ष का दुर्ग द्वार…

चंद्रयान-2 को लेकर कवि कुमार विश्‍वास ने अपने टि्वटर अकाउंट पर लिखा- प्रिय @isro आप के अनथक श्रम व प्रतिभा पर पूरे देश को बहुत गर्व है ! प्रयास जारी रखें।
इसके साथ ही डॉ. कुमार विश्वास ने अपने अपने अकाउंट पर एक कविता भी साझा की और इसके माध्यम से इसरो के वैज्ञानिकों की हौसला अफजाई की.
डॉ. विश्‍वास ने लिखा-

लो हमने बढ़कर खोल दिया इस अंतरिक्ष का दुर्ग द्वार...
लो हमने बढ़कर खोल दिया इस अंतरिक्ष का दुर्ग द्वार…

“लो हमने बढ़कर खोल दिया इस अंतरिक्ष का दुर्ग द्वार,
हे चंद्रदेव लो भारत की मेधा का पहला नमस्कार,
जिनके चेहरे में दिखते हैं रामेश्वर के अब्दुल कलाम,
इसरो के सभी साधकों को भारत के जन-जन का सलाम”

हालांकि भारत के मून लैंडर विक्रम के भविष्य और उसकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं हो लेकिन 978 करोड़ रुपये लागत वाला चंद्रयान-2 मिशन का सबकुछ खत्म नहीं हुआ है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है.” एक साल मिशन अवधि वाला ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें लेकर इसरो को भेज सकता है. अधिकारी ने कहा कि ऑर्बिटर लैंडर की तस्वीरें भी लेकर भेज सकता है, जिससे उसकी स्थिति के बारे में पता चल सकता है.
-एजेंसियां

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