सुन लो मेरी जूलियट भड़काओ ना आग…एण्टी रोमियो हास्य कवि सम्मेलन में राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने जमाई धाक

Listen to my Juliet flare up no fire ... At the Romeo Comedy Poetry Conference, the students of Rajiv Academy
सुन लो मेरी जूलियट भड़काओ ना आग…एण्टी रोमियो हास्य कवि सम्मेलन में राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने जमाई धाक

मथुरा। नोएडा स्थित फिल्म सिटी सेण्टर में आजतक न्यूज चैनल द्वारा आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं ने दर्शकों को अपने काव्यपाठ से लोट-पोट कर दिया। हास्य कवि सम्मेलन का विषय था- एण्टी रोमियो स्क्वायड। उक्त कवि सम्मेलन में दूर-दूर से आए युवा हास्य कवियों ने दर्शकों का मनोरंजन कर खूब तालियां बटोरीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एण्टी रोमियो स्क्वायड गठन को लेकर सबरस मुरसानी ने कहा- ‘‘सुन लो मेरी जूलियट भड़काओं ना आग, पुलिसवाला पीट देगा मुंह से निकलेगा झाग।‘‘ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के अखबारों में दिए ईवीएम वाले बयान पर हास्य कवि अमित जैमिनी ने कहा-‘‘ईवीएम भी न छेड़ें, लड़की भी ना छेड़ें तो फिर छेड़ें तो क्या छेड़ें?‘‘ इसी क्रम में कवि सुदीप भोला ने फिल्मी अन्दाज में कहा- ‘‘हुस्न हाजिर है मोहब्बत की सजा पाने को, पुलिस डण्डों से ना मारे मेरे दीवाने को।‘‘ राजीव एकेडमी एमबीए के छात्र योगेन्द्र ने कहा- ‘‘जिन्दगी काटो नहीं इश्क में अगर विष मिले उसको भी पियो, आधुनिक जूलियट यूँ बोली रोमियो एक छोटा पैक मुझको भी दियो।‘‘

हास्य कवि सम्मेलन में जैसे ही बेबाक जौनपुरी काव्यपाठ को खड़े हुए पूरा सभागार तालियों से गूँज उठा। उन्होंने अपनी हास्य कविता कुछ इस अंदाज में पढ़ी- ‘‘बीबी के साथ जाना महँगा पड़ गया, आन ड्यूटी पुलिस का दरोगा भिड़ गया।‘‘ इसी बीच हास्यकवि चिराग जैन ने अपनी कविता यूँ पढ़ी-‘‘ पहले अंधेरा होते ही रोमियो दिखते थे, अब रोमियो दिखते ही अंधेरा छा जाता है।‘‘ इस अवसर पर छात्रा मीरा, सुरभि मित्तल, रेशू सोनी, रूपम सिंह, प्रियांशी अग्रवाल, रोशनी सिंह, शिशिर, शांतम, श्रीवल्लभ, विशाल, पुलकित, प्रियंका, दीपिका, दक्षा, कोमल, अर्चना, पूनम, शिवानी, निकिता, प्रतिभा, चंचल, राहुल आदि ने भी हास्य कविताएं पढ़ीं। कार्यक्रम का संचालन और एंकरिंग श्वेता सिंह ने किया।

आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने कवि सम्मेलन से लौटे छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हास्य रस की कविता मुर्दे में भी जान फूँक सकती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति हास्य रस की कविता नहीं कर सकता। हास्य रस समाज में नई स्फूर्ति लाता है। हास्य काव्य में रोते व्यक्ति को हँसाने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि अध्ययन के साथ-साथ ऐसे कार्यक्रमों में शिरकत करने से छात्र-छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार होता है।

प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अभियान समाज में फैली गंदगी पर करारा प्रहार है। उक्त अभियान को हास्य कविताओं से और अधिक ताकत मिली है। निदेशक डा. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को हास्य काव्य की ताकत का अनुमान हो गया होगा। आशा है वे इसके माध्यम से अपने अध्ययनकाल में भी लगातार तरोताजा बने रहेंगे ताकि परीक्षाओं की तैयारी से थके-हारे उनके मन-मस्तिष्क को आराम मिलता रहे।

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