दूसरी तिमाही में LIC को लगी 57,000 करोड़ की चपत

नई द‍िल्ली। शेयर बाजार में LIC को हुए निवेश से इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर में अब तक) में ही 57,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

पिछले ढाई महीने में ही भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को शेयर बाजार में निवेश से 57,000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। LIC ने जिन कंपनियों में निवेश किया है कि उनमें से 81 फीसदी के बाजार मूल्य में गिरावट आई है।

शेयर बाजार में एलआईसी को हुए निवेश से इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर में अब तक) में ही 57,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। एलआईसी ने सबसे ज्यादा आईटीसी में निवेश कर रखा है, उसके बाद एसबीआई, ओएनजीसी, एलऐंडटी, कोल इंडिया, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल और रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेश है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, जून तिमाही के अंत तक शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों में एलआईसी का निवेश मूल्य 5.43 लाख करोड़ रुपये का था, लेकिन अब यह घटकर महज 4.86 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह महज ढाई महीने एलआईसी के शेयर बाजार में निवेश को 57,000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है।

गौरतलब है कि देश के करोड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई के बल पर लाखों करोड़ रुपये के मोटे भंडार पर बैठी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का इस्तेमाल दुधारु गाय की तरह होता रहा है। एलआईसी को सरकार के विनिवेश एजेंडा को पूरा करने के लिए सरकारी कंपनियों के मुक्तिदाता की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

पिछले एक दशक में सार्वजनिक कंपनियों में एलआईसी का निवेश चार गुना हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2019 तक एलआईसी ने कुल 26.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है जिसमें से अकेले पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में 22.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपये निजी क्षेत्र में लगाए गए हैं।

इस तरह पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में एलआईसी के कुल निवेश का हिस्सा एक दशक पहले के 75 फीसदी की तुलना में अब 85 फीसदी हो चुका है। इस तरह एक दशक में इसमें करीब 15 फीसदी की बढ़त हुई है।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »