रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम सुचारू कराने हेतु डीएम मथुरा को ल‍िखा पत्र

मथुरा। ग्रीन अर्थ फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रेम सिंह ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सुचारु कराये जाने के सम्बन्ध में डीएम मथुरा को पत्र ल‍िखकर मांग की है क‍ि वर्ष जल संरक्षण (रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम) वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व मथुरा जिले में अनेक आवासीय, व्यवसायिक, विद्यालयों, सरकारी इमारतों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सुचारु रुप से चालू कराये जाये, ताकि भूर्गभ जल का पुर्नभरण सुचारु रुप से हो सके।

विश्व में पेयजल की कमी एक संकट बनती जा रही है, जिस कारण पृथ्वी में जलस्तर का नीचे जाना भी एक प्रमुख कारण है। अभी 10 जून को हम सभी ने विश्व भूगर्भ जल दिवस को मनाकर औपचारिकताऐं पूर्ण की हैं। भूगर्भ जल रक्षण हेतु अधिशेष मानसून अपवाह जो बहकर सागर में मिल जाता है, उसके संचयन और पुर्नभरण किया जाना आवश्यक है, ताकि भूर्गभ संसाधनों का संवर्धन हो सके। विश्वव्यापी जल समस्या का एक समाधान जल संचयन ही है। चाहें पशुओं के पीने के पानी की उपलब्धता हो, फसलों की सिंचाई हो, शहरों में आर ओ सिस्टम द्वारा व्यावसायिक स्तर पर भूर्गभ जल का दोहन हो, इन कारणों से प्रतिदिन भूर्गभ जल में कमी आ रही है, इस सभी को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन करना आवश्यक है।

जल संचयन संयत्र (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) के अन्तर्गत घरों की छतों, स्थानीय कार्योलयों की छतों, विशेष रुप से बनाए गए वर्षा संचयन तंत्र के माध्यम से वर्षा जल का संचयन किया जाता है, जिससे भूर्गभ जल का पुर्नभरण होता है। मथुरा जिले में अनेकों आवासीय, व्यवसायिक, विद्यालयों, सरकारी इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो लगे हैं, परन्तु उनका संरक्षण व देखरेख न होने के कारण बन्द पडे है, जिससे जल संचयन नहीं हो पाता है और वर्षा का पानी निरर्थक साबित हो रहा है।

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