मलेशिया को सबक: भारत ने पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध लगाया

नई दिल्‍ली। भारत ने पाम ऑइल और पामोलिन के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार ने यह कदम मलेशिया को सबक सिखाने के लिए उठाया है, जिसने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और नागिरकता संशोधन कानून को लेकर बेतुकी प्रतिक्रिया दी थी। मलेशिया पाम ऑइल और पामोलिन का सबसे बड़ा निर्यातक है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि पाम ऑइल का आयात ‘फ्री’ नहीं होकर ‘प्रतिबंधित’ हो गया है।
चार इंडस्ट्री सोर्सेज ने कहा कि रिफाइंड पाम ऑइल के आयात पर प्रतिबंध का मतलब है कि भारत कच्चा पाम तेल आयात कर सकता है। इस फैसले से मलेशिया का सीधा-सीधा नुकसान होगा, जो भारत को रिफाइंड पाम ऑइल और पामोलिन का प्रमुख निर्यातक है। सरकार और उद्योग जगत के सूत्रों ने बताया कि जब से मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने भारत की आलोचना की थी, तब से मोदी सरकार उसे सबक सिखाने के फिराक में थी। अक्टूबर महीने में महातिर ने कहा था कि भारत ने कश्मीर पर आक्रमण कर कब्जा जमा लिया। पिछले महीने उन्होंने कहा कि भारत नागरिकता के नए कानून से अराजकता फैला रही है।
मलेशिया ने पिछले वर्ष भारत को पाम ऑइल की आपूर्ति में इंडोनेशिया को पछाड़ दिया था। ये दोनों देश वैश्विक पाम ऑइल के उत्पादन में 85% हिस्से पर कब्जा रखते हैं। पाम ऑइल मलयेशिया का सबसे बड़ा कृषि निर्यात है जिससे उसे अपनी जीडीपी का 2.8% प्राप्त होता है।
भारत सरकार का ताजा फैसले पर पाम ऑइल रिफाइनर्स एसोसिएशन ऑफ मलेशिया (PORAM) ने कहा कि मलेशिया को अब भारत को कच्चा पाम तेल बेचने में इंडोनेशिया से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी। इस क्षेत्र में इंडोनेशिया का इसलिए दबदबा है क्योंकि वह सस्ते दाम पर कच्चा पाम तेल निर्यात करता है। पोरम के चेयरमैन जमील हारोन ने कहा, ‘इससे इंडोनेशिया और मलेशिया के बीच भिड़ंत होगी। दोनों देशों के बीच प्राइस वॉर छिड़ेगा और हमें इसकी कीमत चुकानी होगी।’
-एजेंसियां

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