कांग्रेस और जेडीएस की बैठकों से विधायक नदारद, अटकलें शुरू

बेंगलुरु। कांग्रेस और जेडीएस की बैठकों में नवनिर्वाचित विधायकों के नदारद रहने से अटकलें शुरू हो गई हैं। यूं तो कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ की अटकलें पहले से लगाई ही जा रही थीं इस बीच सस्पेंस और बढ़ गया है। जनता दल (सेक्युलर) की बैठक में दो विधायक नहीं पहुंचे तो राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई। हालांकि, बाद में एक विधायक ने सामने आकर बैठक में जाने की बात कही।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस की बैठक में भी 12 विधायक नहीं पहुंचे। हालांकि दोनों पक्ष बहुमत होने का दावा करते हुए किसी भी प्रकार की फूट से साफ इंकार कर रहे हैं।
बता दें कि जेडी (एस) की बैठक बुधवार को बेंगलुरु के एक होटल में हुई। बैठक शुरू होते ही खबरें आने लगीं कि पार्टी के दो विधायक राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नाडगौड़ा पहुंचे ही नहीं। वेंकट राव जहां सिंधनुर से चुनाव जीते थे, वहीं वेंकटप्पा ने मानवी की सीट अपने नाम की थी। बाद में वेंकट राव ने बताया कि वह बैठक में हिस्सा लेने बेंगलुरु जा रहे हैं। जेडी (एस) की बैठक के बाद एचडी कुमारस्वामी को विधायक दल का नेता चुना गया।
बीजेपी की ताकत बढ़ी
बहुमत के आंकड़े से कुछ पीछे रह गई बीजेपी को 1 निर्दलीय विधायक ने अपना समर्थन दे दिया है। इससे अब पार्टी की 105 सीटें हो गई हैं।
उधर, पार्टी सूत्रों के मुताबिक उन्हें 7 लिंगायत विधायकों का समर्थन भी मिल गया है। ऐसा होने से पार्टी को सिर्फ एक और सीट की दरकार रहेगी।
कांग्रेस का दावा, ‘हमारे साथ 6 बीजेपी MLA’
रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के विधायकों के गायब होने की भी खबर थी, जिसका पार्टी नेताओं ने खंडन किया है। एमबी पाटिल ने कहा है कि पार्टी एकजुट है और यह सब (गायब होने की खबर) झूठी बात है। उन्होंने यह दावा भी किया कि कांग्रेस बीजेपी के 6 विधायकों से संपर्क में है। हालांकि, कांग्रेस ऑफिस में हो रही बैठक में 78 में से 66 विधायक ही पहुंचे हैं। 12 विधायकों के कुछ देर में पहुंचने का दावा किया गया है।
कांग्रेस के विधायक एनए हैरिस ने भी बीजेपी पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को लोगों के फैसले की रक्षा करनी है। हैरिस ने कहा, ‘हमें उनके स्तर पर नहीं गिरना। हम संख्या में 118 हैं और हमें किसी की जरूरत नहीं। मुझे किसी ने नहीं बुलाया।’
कुमारस्वामी ने किया था एकजुटता का दावा
पार्टी की बैठक में शामिल होने से पहले जेडी (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने दावा किया था कि पार्टी एकजुट है। उन्होंने कहा कि पार्टी कांग्रेस के साथ जाने का फैसला कर चुकी है इसीलिए बैठक बुलाई गई। इस बारे में कोई और फैसला लेने की संभावना को उन्होंने खारिज कर दिया था।
बीजेपी पर लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी को बहुमत का आंकड़ा (113) छूने के लिए सिर्फ कुछ ही सीटों की दरकार है। कुमारस्वामी ने इससे पहले बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह 25 करोड़ रुपये में विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी के विधायकों के बैठक से गायब रहने से जोड़-तोड़ कर सरकार बनाने की कवायद नए सिरे से शुरू होती दिख रही है।
-एजेंसी

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