गौरी लंकेश की assassination के विरोध में वाम दलों ने दर्ज किया प्रतिवाद

मथुरा। गौरी लंकेश की assassination के विरोध में वाम दलों ने प्रतिवाद दर्ज किया । साम्प्रदायिक-फासीवादी शक्तियों तथा उन्हें पनाह देती हुकूमत के खिलाफ अपनी लेखनी के ज़रिए प्रभावी किरदार अदा करने वाली कर्नाटक की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की assassination के खिलाफ आज मथुरा में भाकपा (माले) और भाकपा के कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर से मुख्य सड़क पर होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला तथा एसडीएम (मथुरा) के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर उन्मादी व साम्प्रदायिक तत्वों पर नकेल कसने की माँग रखी।

जुलूस में शामिल कॉमरेड्स के हाथों में तख्तियाँ थीं जिन पर दिवंगत गौरी लंकेश की तस्वीर के साथ ही लिखा हुआ था, “साम्प्रदायिक नफरत और फासीवाद के खिलाफ आपकी आवाज़ कभी शांत नहीं होगी”।

भाकपा के जिला मंत्री कॉमरेड गफ्फार अब्बास तथा भाकपा (माले) के जिला सचिव कॉमरेड नशीर शाह ने कहा कि डॉक्टर नरेन्द्र दाभोलकर, प्रॉफेसर कलबुर्गी तथा कॉमरेड गोविंद पानेसर की हत्या के बाद गौरी लंकेश की हत्या से यह स्पष्ट है कि देश में फासिस्ट ताकतों का राज कायम है जो विरोध की आवाजों पर कायराना हमले कर लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है। मगर देश की जनता लंबे समय तक इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकती। ऐसी हरकतों से प्रतिरोध के स्वर और तेज़ होंगे।

सौरभ इंसान ने कहा कि गौरी लंकेश की हत्या का जश्न मनाने वाले अमानवीय तत्व लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। ऐसे तत्वों पर सरकार को तुरंत सख्ती बरत कर कल ही “ब्रिक्स सम्मेलन” में भारत में पनपते कट्टरपंथ को नियंत्रित करने के वादे को निभाना चाहिए वरना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत अपनी विश्वसनीयता खोता चला जाएगा।

इस कार्यक्रम में भाकपा के नगर सचिव अब्दुल अश्फाक, डॉक्टर नरेन्द्र सिंह सिसौदिया, धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार, जब्बार अब्बास एडवोकेट, पप्पू भाई, मास्टर वीरेन्द्र सिंह, याकूब खान, गौरीशंकर, मंगल, डी पी सिंह, विजय सिंह, विपिन शर्मा, करन सारस्वत आदि उपस्थित रहे।