लेबनान के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब छोड़ा

लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी सऊदी अरब से निकलकर फ्रांस चले गए हैं. उनके परिवार के एक टीवी चैनल ने इस बारे में सूचना दी है.
इससे पहले, हरीरी ने इस बाद का खंडन किया था कि सऊदी अरब में उन्हें नज़रबंद कर रखा गया है, उन्होंने ट्वीट किया था कि यह सब झूठ है.
रियाद की अपनी यात्रा के दौरान हरीरी ने अचानक ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया गया.
सऊदी ने जर्मनी के राजदूत को वापस बुलाया
इस बीच, सऊदी अरब ने बर्लिन से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है क्योंकि जर्मनी के विदेश मंत्री सिग्मर गैब्रियल ने कहा था कि हरीरी को उनकी इच्छा के विरुद्ध सऊदी अरब में रखा गया है.
गैब्रियल ने यह बयान लेबनानी विदेश मंत्री के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया था.
सऊदी की सरकारी न्यूज़ एजेंसी एसपीए ने बताया, ”सऊदी अरब ने जर्मनी से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला लिया है, साथ ही सऊदी में बैठे जर्मनी के राजदूत को भी विरोध स्वरूप एक पत्र भेजा जाएगा.”
शनिवार को फ्यूचर टीवी ने घोषणा की कि, ”हरीरी अपनी पत्नी के साथ एक प्राइवेट जेट में बैठकर रियाद एयरपोर्ट से ले बोर्गेट एयरपोर्ट (पेरिस के नज़दीक) की तरफ निकल चुके हैं.”
उम्मीद की जा रही है कि हरीरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाक़ात करेंगे. इसके अलावा लेबनान की राजधानी बैरुत लौटने से पहले वे कुछ अन्य अरब देशों की यात्रा पर भी जाएंगे.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने दिया हरीरी को न्यौता
बुधवार को मैक्रों ने बताया था कि उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत करने के बाद हरीरी को परिवार सहित फ्रांस आने का न्यौता दिया है.
हालांकि बाद में मैक्रों ने साफ किया कि वे हरीरी को किसी तरह के राजनीतिक निर्वासन की तरफ बढ़ने के लिए नहीं कह रहे हैं, वे उन्हें सिर्फ कुछ दिनों का आमंत्रण दे रहे हैं.
इससे पहले लेबनान के नेता साद हरीरी ने कहा था कि उन्होंने अपनी रक्षा के लिए इस्तीफ़ा दिया था और वो ‘कुछ ही दिनों में’ लेबनान वापसी करेंगे.
हरीरी ने रियाद से फ्यूचर टीवी को बताया कि उन्हें किसी ने बंधक नहीं बना रखा है और ‘जल्द ही लेबनान लौटेंगे’.
लेबनान के राष्ट्रपति और अन्य का ये कहना था कि हरीरी को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ बंधक बनाकर रखा गया है.
-BBC