Sanskriti university में नए सत्र का शुभारम्भ

राष्ट्रोत्थान के लिए सभी का शिक्षित होना जरूरी- Sanskriti university कुलपति  डा. देवेन्द्र पाठक

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Sanskriti university में नए सत्र का शुभारम्भ

मथुरा। शिक्षा स्वयं की आत्म उन्नति ही नहीं बल्कि राष्ट्रोत्थान के लिए भी जरूरी है। शिक्षा जीवन के कठिन समय में चुनौतियों से सामना करने में भी मदद करती है। पूरी शिक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त किया गया ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के प्रति आत्मनिर्भर बनाता है। शिक्षा जीवन में बेहतर सम्भावनाओं को प्राप्त करने के अवसरों के लिए विभिन्न दरवाजे खोलती है जिससे करियर के विकास को बढ़ावा मिले। शिक्षा समाज में समानता की भावना पैदा करने के साथ देश के विकास के लिए भी जरूरी है उक्त सारगर्भित उद्गार कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने गुरुवार को संस्कृति विश्वविद्यालय में नए शिक्षण सत्र के शुभारम्भ अवसर पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। कड़ाके के ठंड के बावजूद छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह नजर आया।

डा. पाठक ने कहा कि आधुनिक तकनीकी संसार में शिक्षा की मुख्य भूमिका है लिहाजा आज के समय में सभी का शिक्षित होना जरूरी है। सफलता के लिए शार्टकट रास्ता तलाशने की बजाय कड़ी मेहनत करनी चाहिए। संस्कृति विश्वविद्यालय कौशलपरक शिक्षा का हिमायती है। संस्थान का उद्देश्य डिग्रियां बांटना नहीं बल्कि छात्र को स्वावलम्बी बनाना है ताकि वह शिक्षा समाप्ति के बाद दर-दर की ठोकरें खाने की बजाय स्वरोजगार स्थापित कर अपने पैरों पर खड़ा हो सके। आपके माता-पिता ने बड़ी उम्मीदों के साथ शिक्षा ग्रहण के लिए यहां भेजा है लिहाजा उनकी उम्मीदों पर न केवल खरे उतरें बल्कि अपने सपने भी साकार करें।

इस अवसर पर Sanskriti University के एकेडमिक डीन डा. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि अच्छी शिक्षा जीवन में बहुत से उद्देश्यों को प्रदान करती है। शिक्षा से व्यक्तिगत उन्नति को बढ़ावा तो मिलता ही है इससे सामाजिक और आर्थिक प्रगति के द्वार भी खुलते हैं। आज प्रतिस्पर्धा का युग है लिहाजा आपको हमेशा अपडेट रहने की जरूरत है। डा. सिंह ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली अशिक्षा और समानता के मुद्दे को विभिन्न जाति, धर्म के बीच से पूरी तरह से हटाने में सक्षम है। यह जीवन के हर पहलू को समझने के साथ-साथ सूझ-बूझ को भी विकसित करती है। किसी विषय को रटने की बजाय यदि समझने की कोशिश की जाए तो उसके अच्छे परिणाम मिलते हैं।

इस अवसर पर Sanskriti University के ओ.एस.डी. मीनाक्षी शर्मा, विभागाध्यक्ष प्रबंधन निर्मल कुण्डू, आलोक प्रसाद, डा. रीना रानी, डा. दुर्गेश वाधवा, मनोज ओझा, अमन चौधरी, सचिन चौधरी, विपिन कुमार सोलंकी, निशू चौधरी, दुर्गेश सिंह और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।