ज्ञानदीप स्‍कूल में नवीन सत्र का शुभारम्भ

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ज्ञानदीप स्‍कूल में नवीन सत्र का शुभारम्भ

हँसते- मुस्कराते पुष्‍पों से महका ज्ञानदीप प्रांगण

मथुरा।गोवर्धन रोड स्थित ज्ञानदीप शिक्षा भारती के नवीन सत्र का शुभारम्भ विद्याा और वाणी की देवी सरस्वती एवं बुद्धि विनायक श्री गणेश की वन्दना से हुआ।

परीक्षाओं के पष्चात् पूर्व छात्र-छात्राओं और नवागत छात्र-छात्राओं से ज्ञानदीप प्रांगण हँसते- मुस्कराते पुश्पों के समान महक उठा था। प्रांरभिक कक्षाओं के छोटे बच्चों के लिए अजनबी स्थान पर बिना ‘मम्मी-पापा‘ के आना नया अनुभव था।

प्रार्थना सभा में प्रधानाचार्या श्रीमती निधि भाटिया तथा शैक्षिक निदेशक के. जी. माहेष्वरी ने प्रांरभ से ही अध्ययन एवं अनुषासन के प्रति सजग रहने के लिए आह्मन किया।
इसी अवसर पर छात्र-छात्राओं ने विद्यालय तथा घर में स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

ज्ञानदीप शिक्षा भारती में शुभकामना समारोह सम्‍पन्‍न

ज्ञानदीप शिक्षा भारती में शुभकामना समारोह सम्‍पन्‍न हुआ। वर्षों- वर्षों का साथ, शिक्षा- संस्कृति- सौहार्द्र से जुड़े संस्मरणों के पश्‍चात् विदाई के क्षणों में हर्ष मिश्रित आँसुओं के मध्य एक नवीन अध्याय का प्रारंभ।

ऐसा ही कुछ दृष्य बार- बार उभरा गोवर्धन रोड स्थित ज्ञानदीप शिक्षा भारती सभागार में जहाँ कक्षा 11 के छात्र- छात्राओं ने कक्षा 12 के छात्र- छात्राओं के लिए शुभ- कामना समारोह का आयोजन किया था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ज्ञानदीप के संस्थापक सचिव मोहन स्वरूप भाटिया, शैक्षिक निदेशक के. जी. माहेष्वरी, प्रधानाचार्या श्रीमती निधि भाटिया तथा कक्षा 11 व 12 के प्रतिनिधि छात्र- छात्राओं द्वारा सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
समारोह में कक्षा 11 के प्रतिभाषाली छात्र- छात्रा वासु, पारुल, सत्यम, दीपिका, मनीशा, राहुल, जतिन आदि ने सरस्वती वन्दना, मार्षल आर्ट, नृत्य नाटिका, जादू प्रदर्शन, विदा गीत आदि कार्यक्रमों की प्रस्तुति की तो कभी तालियों से हर्ष और कभी मंच पर रुँधे कंठ के साथ हर्ष मिश्रित अश्रु भी छलक पड़े।

मंच पर आयोजित आठ- आठ छात्र- छात्राओं की विभिन्न प्रतियोगिताओं के अन्तिम दौर में चयनित दक्ष भाटिया को मिस्टर ज्ञानदीप और प्रियंका गुप्ता को मिस ज्ञानदीप घोशित किया गया तथा विषेश उपलब्धियाँ अर्जित करने वाले छात्र- छात्राओं को प्रषस्ति पत्र तथा उपहार प्रदान किये गये।

समारोह में मोहन स्वरूप भाटिया, के जी माहेष्वरी, श्रीमती निधि भाटिया ने कहा कि शिक्षा को पाठयक्रम तक सीमित न रख कर ज्ञानार्जन का लक्ष्य बनायें और उत्‍तरोत्‍तर प्रगति की ओर अग्रसर रहें।
कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ।

 

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