हंसि‍ए… गुदगुदाइये…क्योंक‍ि आज Kaka Hathrasi का जन्मद‍िन है

व्यंग्य लेखन विधा के निपुण विद्वान Kaka Hathrasi का आज यान‍ि जन्मद‍िन है। वे 18 सितंबर 1906 में जन्मे थे। उनकी पैनी नज़र छोटी से छोटी अव्यवस्थाओं को भी पकड़ लेती थी और बहुत ही गहरे कटाक्ष के साथ प्रस्तुत करती थी। व्यंग्य का मूल उद्देश्य लेकिन मनोरंजन नहीं बल्कि समाज में व्याप्त दोषों, कुरीतियों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक कुशासन की ओर ध्यान आकृष्ट करना है। ताकि पाठक इनको पढ़कर बौखलाये और इनका समर्थन रोके। इस तरह से व्यंग्य लेखक सामाजिक दोषों के ख़िलाफ़ जनमत तैयार करता है और समाज सुधार की प्रक्रिया में एक अमूल्य सहयोग देता है।

आज पढ़‍िए Kaka Hathrasi की कुछ हास्य-व्यंग्यात्मक कव‍िताएं-

खटमल-मच्छर-युद्ध 

‘काका’ वेटिंग रूम में फँसे देहरादून ।
नींद न आई रात भर, मच्छर चूसें खून ॥
मच्छर चूसें खून, देह घायल कर डाली ।
हमें उड़ा ले ज़ाने की योजना बना ली ॥
किंतु बच गए कैसे, यह बतलाएँ तुमको ।
नीचे खटमल जी ने पकड़ रखा था हमको ॥

हुई विकट रस्साकशी, थके नहीं रणधीर ।
ऊपर मच्छर खींचते नीचे खटमल वीर ॥
नीचे खटमल वीर, जान संकट में आई ।
घिघियाए हम- “जै जै जै हनुमान गुसाईं ॥
पंजाबी सरदार एक बोला चिल्लाके – |
त्व्हाणूँ पजन करना होवे तो करो बाहर जाके ॥

आत्महत्या 
परमात्मा ने आत्मा बख़्शी है श्रीमान
करे आत्महत्या उसे समझो मूर्ख महान
समझो मूर्ख महान बुरे दिन वापस जाएँ
अटल नियम है दु:ख के बाद सुखानन्द आएँ
मिली आत्मा, प्रभु की समझो इसे अमानत
लानत उन्हें अमानत में जो करें खयानत
ईश्वर ने जीवन दिया, किया उसे स्वीकार
भाग्यहीन कुछ सरफिरे, करें मौत से प्यार
करें मौत से प्यार, जवाँ लड़के आते हैं
उग्रवाद आतंकवाद में घुस जाते हैं
करें देश से द्रोह, विदेशी राह पर भटकें
कोई जेल में सड़ें, कोई फाँसी पर लटकें।

घूस माहात्म्य 

कभी घूस खाई नहीं, किया न भ्रष्टाचार
ऐसे भोंदू जीव को बार-बार धिक्कार
बार-बार धिक्कार, व्यर्थ है वह व्यापारी
माल तोलते समय न जिसने डंडी मारी
कहँ ‘काका’, क्या नाम पायेगा ऐसा बंदा
जिसने किसी संस्था का, न पचाया चंदा

भ्रष्टाचार 

राशन की दुकान पर, देख भयंकर भीर
‘क्यू’ में धक्का मारकर, पहुँच गये बलवीर
पहुँच गये बलवीर, ले लिया नंबर पहिला
खड़े रह गये निर्बल, बूढ़े, बच्चे, महिला
कहँ ‘काका’ कवि, करके बंद धरम का काँटा
लाला बोले – भागो, खत्म हो गया आटा

-Legend News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *