कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य में जरूरी वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लोगों का मत बदलता दिखेगा।
इस बीच कश्मीर में स्थिति बेहतर होते देख प्रशासन ने अधिकतर स्थानों पर लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से घाटी में कहीं भी किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थिति बेहतर होते देख संचार सेवाओं में ढील दी गई है।
गवर्नर सत्यपाल मलिक ने कहा, ‘कश्मीर में जरूरी चीजों और दवाओं की कोई किल्लत नहीं है। हकीकत यह है कि हमने बकरीद के दौरान लोगों के घरों तक मांस, सब्जी और अंडे पहुंचाए। 10 से 15 दिनों में हमारे बारे में आपका नजरिया बदल जाएगा।’
राज्यपाल मलिक ने साथ ही कहा, ‘हम चाहते हैं कि इंसानी जान को किसी तरह का नुकसान न हो। 10 दिन टेलिफोन नहीं होंगे, नहीं होंगे लेकिन हम बहुत जल्द सब वापस कर देंगे। ‘
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर सहित कई जगह शनिवार शाम लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल कर दी गईं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों को छोड़कर लैंडलाइन सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का काम जारी है। लाल चौक और प्रेस एन्क्लेव में सेवाएं अब भी निलंबित हैं। राज्य के प्रधान सचिव एवं सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को कहा कि अन्य आठ एक्सचेंज, जिसके अंतर्गत 5,300 लैंडलाइन सेवाएं आती हैं, सप्ताह के आखिर तक बहाल किए जाएंगे।
बीएसएनएल और अन्य निजी इंटरनेट सेवाओं सहित मोबाइल टेलिफोन सेवाएं और इंटरनेट सेवाएं अभी निलंबित ही हैं। केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को दो अलग-अलग केन्द्रशासित प्रदेश बनाने का फैसला किया था, जिसके बाद ये सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं।
कश्मीर घाटी के अधिकतर इलाकों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं लेकिन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मी अब भी वहां तैनात हैं। कश्मीर में बाजार लगातार 21वें दिन बंद रहे, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं। वहीं, सार्वजनिक वाहन भी सड़कों से नदारद रहे। साप्ताहिक बाजार भी नहीं लगे। उन्होंने बताया कि शहर में कुछ जगह फेरीवालों ने दुकानें लगाईं।
-एजेंसियां

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