ट्रंप प्रशासन के विवादास्‍पद फैसले पर खिलाफत में उतरीं फर्स्ट लेडी

वॉशिंगटन। अमेरिकी सीमा पर विस्थापित परिवारों के बच्चों को उनके माता-पिता से अलग करने के विवादास्पद मुद्दे पर जहां डेमोक्रैटिक सांसदों ने आवाज तेज की हुई थी, वहीं खुद अमेरिका की फर्स्ट लेडी भी अब इसके खिलाफ आ गई हैं और इस राजनीतिक चलन को रोकने का अनुरोध किया है। इस नीति से सबसे ज्यादा मेक्सिको के विस्थापित परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अवैध अप्रवासियों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की है, जिससे दोनों तरफ के राजनीतिक पक्षों में आक्रोश है और खासतौर पर अमेरिका जब फादर्स डे मना रहा था तब इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ट्रंप ने कहा कि वह अलगाव को खत्म करना चाहते हैं लेकिन उन्होंने इस संकट के लिए विपक्षी डेमोक्रैट्स को जिम्मेदार ठहराना जारी रखा।
दूसरी तरफ, आलोचकों का कहना है कि यह संकट उनका अपना खुद का बनाया हुआ है। ट्रंप की पत्नी मेलानिया यूं तो अकसर राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देती हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की इस नीति की निंदा तो नहीं की लेकिन इस मुद्दे के समाधान के लिए दोनों पक्षों के आव्रजन सुधार पर जोर दिया।
मेलानिया की प्रवक्ता स्टेफनी ग्रिशाम ने सीएनएन से बातचीत में कहा, ‘मिसेज ट्रंप को बच्चों को उनके परिवार से अलग होते हुए देखने से नफरत है और उम्मीद करती हैं कि दोनों तरफ के लोग सफलतापूर्वक आव्रजन सुधार हासिल करने के लिए आखिरकार एक साथ आएंगे।’
बता दें कि अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन ने घोषणा की है कि अवैध रूप से मेक्सिको से आने वाले सभी विस्थापितों को गिरफ्तार किया जा सकता है। चूंकि बच्चों को जेल में नहीं भेजा जा सकता, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किए गए माता-पितासे अलग कर दिया जाता है।
-एजेंसी

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