लैंड जिहाद मामला: असम पुलिस ने अभियान चलाकर पकड़े 453 दलाल

गुवाहाटी। असम में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने संकल्प पत्र में लव जिहाद के साथ ही लैंड जिहाद का मुद्दा भी शामिल किया था। खुद गृहमंत्री अमित शाह ने चुनावी रैली में इसके खिलाफ कानून लाने की बात कही थी। अब हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। पुलिस ने अभियान चलाकर जमीन के दलालों के खिलाफ कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘असम पुलिस ने अभियान के तहत जमीन के 453 दलालों को पकड़ा है। दलाल राज को खत्म करना हमारा संकल्प है। राजस्व दफ्तर में बैठकर दलाली और बिचौलिए के काम के जरिए आम लोगों को परेशान करने का काला खेल समाप्त होना चाहिए। ऐसे काम के खिलाफ हमारा काम लगातार जारी रहेगा।’
दरअसल, असम में जमीन का धंधा और दलाली का काम एक बड़ा चुनावी मुद्दा है। मोरीगांव, करीमगंज, नाइगांव, गोलपाड़ा, हैलाकांडी, धुबरी, बारपेटा सहित अन्य इलाकों में जमीन के जरिए घुसपैठ या फिर जमीन की खरीज-फरोख्त का काम बड़े पैमाने पर जारी है। CM हिमंता ने चाय बेल्ट की हिंदू आबादी और मठों पर संकट की बात कहते हुए असम के दूसरा कश्मीर बनने की बात भी हाल में कही।
BJP ने बनाया था चुनावी मुद्दा
प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी ने इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया था। NRC और CAA के साथ ही बीजेपी ने लैंड जिहाद के जरिए पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश से मुस्लिमों की घुसपैठ की बात उठाई थी। दावा किया गया कि असम में मुस्लिमों की बढ़ती आबादी के कारण राज्य के 11 जिले ऐसे हैं, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों की आबादी हिंदुओं से अधिक हो गई है।
बिचौलिए की मदद से खेल
असम बीजेपी के नेताओं ने बंगाली मूल के मुसलमानों पर आरोप लगाया था कि वे हिंदुओं को तरह-तरह से प्रताड़ित करके जमीन बेचने पर मजबूर कर देते हैं। थर्ड पार्टी इसमें शामिल होती है और दलालों की सहायता से जमीन पर कब्जा जमा लिया जाता है। इन आरोपों के साथ ही बीजेपी ने दलालों की मिलीभगत से हो रहे इस खेल को रोककर असली मालिक को पट्टा देने की बात कही थी।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *