लालू यादव बोले, छापेमारी की कार्यवाही देश में अघोषित आपातकाल जैसी

रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डी. के. शिवकुमार के रिसॉर्ट समेत अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुये आज कहा कि श्री मोदी ने ही विपक्षी दलों के नेताओं के घर छापेमारी कराई है, जो यह साबित करता है कि देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है।
श्री यादव ने चारा घोटाला मामले में यहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में पेशी के बाद कहा, “श्री मोदी ने ही श्री शिवकुमार के रिसॉर्ट सहित अन्य ठिकानों पर छापे मरवाए हैं।
हम लोगों के यहां छापेमारी की जा रही है। उन्होंने सवालिया लहज में कहा कि अदानी जैसे बड़े-बड़े लोग भी हैं, उनके यहां से पैसा क्यों नहीं निकाला जा रहा. उन्होंने कहा कि कालाधन घूम रहा है और प्रधानमंत्री इसे विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के ठिकानों पर ढूंढ रहे हैं.

राजद अध्यक्ष ने कहा, छापामारी करवाकर तानाशाह मोदी अपने विरोधियों को डरा रहे हैं. डकैत के यहां छापेमारी क्यों नहीं होती. उन्होंने कहा कि पनामा लीक मामला केवल पाकिस्तान तक ही नहीं है बल्कि इसमें 424 भारतीयों के भी नाम है जिसमें अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, भाजपा के अभिषेक सिंह, अमिताभ बच्चन, के. पी. सिंह, अनुराग केजरीवाल, मोहन लाल लोहिया, मल्लिक श्रीवासन, इकबाल मिर्ची और उद्योगपति गौतम अडानी के बड़े भाई भी शामिल हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इन लोगों के यहां छापा क्यों नही पड़ रहा है.

लालू ने कहा कि वर्ष 2013 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था, ‘मिट्टी में मिल जाएंगे लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कुमार भाजपा की अगुवाई वाले राजग में शामिल हो गये.

 

राजद अध्यक्ष ने कुमार को राजनीति का ‘पलटूराम’ बताया और कहा, मुझे पता था कि राजनीतिक लाभ के लिए नीतीश ‘नमो (नरेंद्र मोदी) शरणम् गच्छामि’ होंगे. मेरी बात सच हुई और आखिर मुख्यमंत्री भाजपा और मोदी की शरण में चले ही गये.

उल्लेखनीय है कि सीबीआई के प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तत्कालीन उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के इस्तीफे को लेकर राजद और जनता दल यूनाईटेड (जदयू) में मचे घमासान के बीच यादव के जनता के बीच जाकर तथ्यपरक जवाब देने की जदयू की मांग नहीं माने के बाद 26 जुलाई को नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कुमार ने राजग के सहयोग से राज्य में नई सरकार भी बना ली.

 

-एजेंसी