होटेल स्कैम मामले में सीबीआई ने तलब किए लालू और तेजस्वी

नई दिल्ली। आईआरसीटीसी होटेल स्कैम मामले में सीबीआई ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए समन भेजा है।
सीबीआई ने जहां 11 सितंबर को लालू यादव को पूछताछ के लिए बुलाया है, वहीं तेजस्वी को अगले दिन यानी 12 सितंबर को पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा है।
सीबीआई ने इस कथित घोटाले के मामले में जुलाई में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सीबीआई की FIR के मुताबिक लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए टेंडर में कथित अनियमितता बरती थी और एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया था। बीएनआर होटेल रेलवे के हैरिटेज होटेल हैं, जिन्हें 2006 में IRCTC ने अपने नियंत्रण में ले लिया था।
टेंडर के बदले 3 एकड़ जमीन
सीबीआई ने इस मामले में इंडियन पेनल कोड की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपों के मुताबिक पुरी और रांची स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों के नियंत्रण को पहले आईआरसीटीसी को सौंपा गया और फिर इसका रखरखाव, संचालन और विकास का काम पटना स्थित ‘सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड’ को दे दिया गया। सुजाता होटल को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों को हलका कर दिया गया। इसके बदले में पूर्वी पटना में 3 एकड़ जमीन को बेहद कम कीमत पर ‘डिलाइट मार्केटिंग’ को दिया गया जो कि लालू यादव के परिवार के जानकार की है। बाद में इसे ‘लारा प्रॉजेक्ट्स’ को स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके मालिक लालू के परिवार के सदस्य हैं।
32 करोड़ की जमीन 65 लाख में
सीबीआई के मुताबिक डिलाइट मार्केटिंग से लारा प्रॉजेक्ट्स को जमीन का ट्रांसफर बेहद कम कीमत पर किया गया, जहां सर्कल रेट के अनुसार जमीन की कीमत 32 करोड़ रुपये थी, उसे ‘लारा प्रॉजेक्ट्स’ को करीब 65 लाख रुपए में स्थानांतरित किया गया। सीबीआई ने शुरुआती जांच के बाद 5 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने लालू के करीबी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। इनके अलावा सुजाता होटेल के दोनों निदेशक विजय कोचर, विनय कोचर, चाणक्य होटेल, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (जो अब लारा प्रॉजेक्ट्स के तौर पर पहचानी जाती है) के मालिकों और तत्कालीन आईआरसीटीसी के प्रबंधक निदेशक पी. के. गोयल का भी सीबीआई की FIR में नाम है।
-एजेंसी