शुभमन गिल की जगह इंग्लैंड कौन जाएगा, इसे लेकर तालमेल की कमी

शुभमन गिल की चोट के बाद उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर इंग्लैंड कौन जाएगा, इसे लेकर टीम प्रबंधन एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चेतन शर्मा की अगुआई वाली सलेक्शन कमेटी में संवाद का अभाव साफ नजर आ रहा है।
ऐसा लगता है कि बोर्ड टीम प्रबंधन की योजनाओं को समझना चाहते हैं, आखिर वहां 23 खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं। टीम प्रबंधन ने आधिकारिक रूप से गिल के कवर के रूप में किसी खिलाड़ी को भेजने का अनुरोध किया है। सलेक्टर्स और बोर्ड इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि आखिर जब केएल राहुल और मयंक अग्रवाल पहले से मौजूद हैं तो टीम को और खिलाड़ी क्यों चाहिए।
बंगाल के सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन भी टीम के साथ रिजर्व ओपनर के रूप में हैं।
हालांकि, ऐसा सुनने में आ रहा है कि टीम प्रबंधन पृथ्वी साव और देवदत्त पडिक्कल को इंग्लैंड में चाहता है। टीम प्रबंधन चाहता है कि अगर दोनों खिलाड़ी न भी आ सकें तो कम से कम एक जरूर इंग्लैंड पहुंचे।
टीम प्रबंधन हालांकि इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ईश्वरन की क्षमता को लेकर आश्वस्त नहीं है। वह प्रैक्टिस सेशन में भी बहुत असहज नजर आए। राहुल को टीम मैनेजमेंट हालांकि मिडल ऑर्डर के विकल्प के रूप में देख रहा है। मैनेजमेंट का विचार है कि अगर चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे रन बनाने में संघर्ष करते हैं तो राहुल को मध्यक्रम में आजमाया जा सकता है।
BCCI के एक अधिकारी ने बताया, ‘टीम प्रबंधन को अपना नजरिया साफ रखना चाहिए। सलेक्टर्स ने टीम चुनने को लेकर हमेशा टीम प्रबंधन की मांग का ख्याल रखा है। टीम कप्तान विराट कोहली की मौजूदगी में चुनी गई थी। मैनेजमेंट को अपने प्लान को लेकर स्पष्ट राय रखनी चाहिए थी। उन्हें पता होना चाहिए था जिन खिलाड़ियों को चुना जा रहा है उनका इस्तेमाल कैसे करना है। अगर उन्हें प्लान बदलना था तो इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी चाहिए थी।’
अधिकारी ने आगे कहा, ‘ईश्वरन फरवरी-मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज से टीम के साथ हैं। टीम मैनेजमेंट को यह साफ बताना चाहिए कि आखिर क्यों वह ईश्वरन को इस्तेमाल करने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। इसके बाद ही रिप्लेसमेंट भेजे जाने अथवा नहीं के बारे में कोई फैसला किया जा सकता है।’
अधिकारी ने कहा, ‘इंग्लैंड में अभी चार सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। और ऐसा सिर्फ कोरोना महामारी के कारण ही हो पाया है। अतीत की भारतीय टीमों के साथ ऐसा नहीं होता था। उन्हें लंबे दौरे पर भी 15 खिलाड़ियों से ही काम चलाना पड़ता था। इस वक्त पर टीम प्रबंधन और सलेक्टर्स की सोच एक होनी चाहिए। उन्हें अपनी योजनाओं के बारे में स्पष्ट राय रखनी चाहिए। अगर वह अपने चुने हुए 24 खिलाड़ियों को लेकर आश्वस्त नहीं हैं तो इसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए।’
टीम प्रबंधन की एक बड़ी समस्या हनुमा विहारी की ओपनिंग को लेकर असहजता है। एक सूत्र ने कहा, ‘इस बात पर कोई शक नहीं कि मुश्किल वक्त में विहारी टीम के लिए कुछ भी करने को तैयार होंगे लेकिन वह मिडल ऑर्डर में बल्लेबाजी करके ज्यादा खुश हैं।’
टीम मैनेजमेंट और मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा के बीच तालमेल की कमी शुरुआत से ही नजर आ रही है। जनवरी में जब से शर्मा ने पदभार संभाला है दोनों के बीच इसका अभाव देखा रहा है। ऐसी भी अटकले हैं कि कुछ खिलाड़ी शर्मा को निजी रूप से पसंद हैं। उनका कई अकादमियों में कोच होने को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसी खबरें हैं कि टीम प्रबंधन और शर्मा के बीच संवाद का अभाव है।
-एजेंसियां

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