कुलदीप सेंगर ने दी उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती

नई द‍िल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर ने आज दिल्ली हाईकोर्ट में तीस हजारी कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।

सेंगर ने अपनी आजीवन कारावास की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राहत की अपील की है।

तीस हजारी कोर्ट ने कहा कि उसे मौत तक जेल में रखा जाए। भाजपा से निकाले गए सेंगर पर 25 लाख का जुर्माना भी लगाया गया, जो उसे एक महीने के अंदर जमा करना होगा।

सजा कम करने की अपील पर जिला जज धर्मेश शर्मा ने कहा था, सेंगर ने जो भी किया, वह बिटिया को डराने-धमकाने के लिए किया। हमें नरमी दिखाने वाली कोई परिस्थिति नहीं दिखी। सेंगर लोक सेवक था, उसने लोगों से विश्वासघात किया, इसलिए सजा में कोई मुरव्वत नहीं। साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि उन्नाव की बिटिया को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए जो उनकी मां को मिलेगा।

अदालत ने कहा है कि सीबीआई को पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों के जीवन को खतरा और उनकी सुरक्षा का हर तीन महीने में आकलन करते रहना होगा।

रेप पीड़िता के पिता का इलाज करने वाले डॉक्टर की कल हुई थी मौत

उन्नाव रेप केस में पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. प्रशांत उपाध्याय की सोमवार को जिला अस्पताल में हृदय गति रुकने से मौत हो गई। वह नौ महीने से बीमार चल रहे थे। पीड़िता के पिता की मौत के बाद मामले में सीबीआई जांच बैठी थी तो डॉ. प्रशांत पर लापरवाही का आरोप लगा था। वह जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में ईएमओ पद पर तैनात थे। उस समय एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह हंसते हुए दिख रहे थे। सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर उन्हें 12 अप्रैल 2018 को निलंबित कर दिया गया था। 9 महीने बाद वह बहाल हुए और फतेहपुर जिला अस्पताल में तैनाती हुई।

– एजेंसी

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