Nandgaon के नंदबाबा मन्दिर में धूमधाम से मनाई गई कान्हा की छठी

नंदगांव (मथुरा)। कान्हा की क्रीड़ा स्थली तीर्थ स्थल Nandgaon के नंदबाबा मन्दिर में कान्हा का छठी उत्सव मनाया गया। इस दौरान Nandgaon मन्दिर के सेवायत द्वारा सभी विग्रहों को नई पोशाक धारण कराई गई। कान्हा का पूर्ण श्रंगार किया गया।

जन्म के बाद से अब तक कान्हा केवल कटि काछनी में ही भक्तों को दर्शन दे रहे थे। सेवायत द्वारा प्रसूता यशोदा मैया के सिर और पेट पर बंधी पट्टी को खोला गया जो कि जन्म के समय बांधी गई थी। उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को हलुवा वितरित किया गया। इस दौरान देश के विभिन्न प्रांतों से आये श्रद्धालुओं ने छठी उत्सव के दर्शन किये। इस दौरान पूरा नंदमहल कन्हैया लाल के जयकारों से ही गूंजता रहा।

नंदबाबा मंदिर के सेवायत ने बताया कि मान्यता है कि छटीकरा गांव में आज के दिन कृष्ण की छठी पूजी गयी थी। ऐसा ग्रंथों में वर्णन मिलता है ।तभी से उस गांव का नाम छटीकरा पड़ा। कहा जाता है कि पूतना छठी के दिन ही लाला को स्तनपान कराने आयी थी ।

प्रसिद्ध है नंदबाबा का एक मंदिर

इसी नन्दीश्वर पर्वत पर कृष्ण भगवान व उनके परिवार से संबंधित अनेक दर्शनीय स्थल भी हैं जिनमें नरसिंह, गोपीनाथ, नृत्य गोपाल, गिरधारी, नंदनंदन और माता यशोदा के मंदिर हैं| पर्वत के साथ ही पान सरोवर तथा पास ही में एक बड़ी झील है जिस पर मसोनरी घाट निर्मित है।

मान्यता है कि यहां पर भगवान कृष्ण अपनी गायों को स्नान कराने लाया करते थे। पास ही खदिरवन, बूढ़े बाबू, नंदीश्वर, हाऊ-बिलाऊ, पावन सरोवर, उद्धव क्यारी नामक दूसरे स्थान भी यहाँ कृष्ण के जीवन की विभिन्न घटनाओं से सम्बद्ध माने जाते हैं।

 

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