कोटा से सांसद ओम बिरला होंगे लोकसभा के नए स्‍पीकर

नई दिल्‍ली। लोकसभा के नए स्पीकर कोटा से दूसरी बार सांसद बने ओम बिड़ला होंगे। मोदी सरकार ने नए स्पीकर के चुनाव मामले में भी एक बार फिर सबको चौंका दिया है। कोटा साउथ सीट से बिड़ला 3 बार विधायक भी रह चुके हैं। बीजेडी ने भी बिड़ला के नाम पर समर्थन देने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही नए लोकसभा स्पीकर को लेकर सस्पेंस अब खत्म हो गया है। सांसद बनने से पहले बिड़ला 3 बार कोटा साउथ सीट से विधायक भी रह चुके हैं। पहले एस. एस. आलूवालिया और मेनका गांधी जैसे सीनियर नेताओं को स्पीकर बनाए जाने की अटकलें थीं।
सूत्रों के अनुसार बिड़ला आज लोकसभा स्पीकर के लिए औपचारिकताएं पूरी करेंगे और बुधवार को अध्यक्ष का पद संभालेंगे। बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस ने भी बिड़ला के नाम पर समर्थन दे दिया है।
दिलचस्प है बिड़ला का सफर
नए लोकसभा स्पीकर का राजनीतिक सफर दिलचस्प है। 2014 में कोटा से सांसद चुने गए बिड़ला ने इस लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। सांसद बनने से पहले वह साउथ कोटा सीट से 3 बार विधायक भी चुने जा चुके हैं। 2019 चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राम नारायण मीणा को 2 लाख 79 हजार वोटों से हराया। अपने संसदीय क्षेत्र में बिड़ला की पहचान पर्यावरण संरक्षण उपायों के लिए भी है। उन्होंने ग्रीन कोटा मिशन के तहत पेड़ लगाने के लिए लोगों को काफी प्रेरित किया। पर्यावरण जागरूकता के कार्यक्रमों में भी उनकी काफी दिलचस्पी है।
पीएम मोदी ने फिर चौंकाया!
अगर बिड़ला लोकसभा स्पीकर बनते हैं तो यह पीएम नरेंद्र मोदी का एक और चौंकाने वाला फैसला होगा। बता दें कि इससे पहले मेनका गांधी और एस. एस. अहलूवालिया के नाम की अटकलें थीं। लोकसभा स्पीकर को लेकर मोदी सरकार ने एक बार फिर परंपरागत तरीके को नहीं अपनाया। पिछली लोकसभा में इंदौर से सांसद चुनी गईं बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन स्पीकर थीं।
लोकसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत
राजस्थान में कोटा-बूंदी संसदीय सीट से जीतने वाले बिड़ला नामित होने पर आसानी से अध्यक्ष बन जाएंगे क्योंकि सदन में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है। अगर आवश्यक हुआ तो इस पद के लिए चुनाव बुधवार को कराया जा सकता है। विपक्ष ने अभी इस पद के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। हालांकि मंगलवार नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। बिड़ला (57) राजस्थान से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रहे हैं। अगर वह निर्वाचित हो गए तो लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर आठ बार सांसद रही सुमित्रा महाजन का स्थान लेंगे। आमतौर पर लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठता क्रम पर विचार किया जाता है लेकिन ऐसे भी मौके रहे हैं जब एक बार और दो बार के निर्वाचित सांसद अध्यक्ष बने हैं। मनोहर जोशी को 2002 में लोकसभा अध्यक्ष चुना गया था और तब वह पहली बार ही सांसद बने थे। उन्होंने दो बार के सांसद जीएमसी बालयोगी का स्थान लिया था जिनकी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।
-एजेंसियां

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