सरकारी खजाने से TAX भरवाने वाले गरीब नेताओं की संपत्ति कितनी?

कुछ दिन पहले खबर आई कि उत्तर प्रदेश में एक चार दशक पुराने कानून की वजह से मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों का इनकम Tax सरकारी खजाने से भरा जाता है।
दरअसल, इस कानून में उन्हें गरीब बताते हुए कहा गया है कि वे अपनी कम आमदनी से इनकम Tax नहीं भर सकते। यह खबर आने के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने ऐलान कर दिया कि आगे से सभी मंत्री अपना TAX खुद भरेंगे लेकिन अब भी कई दूसरे राज्‍यों में यह कानून लागू है।
हालांकि सबसे पहले पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मार्च 2018 में ही इस प्रथा को बंद कर दिया। अब यूपी सरकार ने भी ऐलान कर दिया है कि मंत्री और विधायक अपना टैक्स खुद भरें।
ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर हमारे पूर्व और वर्तमान मुख्‍यमंत्रियों के पास आखिर कितनी संपत्ति है।
शिवराज सिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के उपाध्यक्ष हैं। वह 15 साल तक मध्य प्रदेश के सीएम रहे हैं। 2006 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति एक करोड़ के आसपास बताई थी, जोकि 2013 में बढ़कर 6 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद इनकम टैक्स के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया जाता है।
सबसे अधिक धनी हैं कमलनाथ
कमलनाथ कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 206 करोड़ से ज्यादा बताई है। सीएम होने के नाते उनका TAX भी जनता के पैसों से भरा जाता है।
डॉ. रमन सिंह
बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ के सीएम रहे हैं। 2013 में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति लगभग पांच करोड़ बताई थी।
भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल करके नए सीएम बने भूपेश बघेल कांग्रेस के बड़े नेता हैं। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 23 करोड़ के आसपास बताई थी। इसके बावजूद भी TAX भरने के लिए वह ‘सक्षम’ नहीं हैं।
वीरभद्र सिंह
कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के सीएम रहे हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 33 करोड़ रुपये के आसपास बताई थी।
जयराम ठाकुर
2017 में हिमाचल प्रदेश के सीएम बने बीजेपी नेता जयराम ठाकुर ने अपनी संपत्ति तीन करोड़ रुपये के आसपास बताई थी। करोड़पति होने के बावजूद उनका इनकम TAX सरकारी पैसे से भरा जाता है।
हरीश रावत
कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं। हालांकि, वह विधानसभा चुनाव में अपनी सीट भी नहीं जीत सके थे। उन्होंने 2014 में अपनी संपत्ति 6 करोड़ रुपये के आसपास बताई थी।
त्रिवेंद्र सिंह रावत
हरीश रावत के सत्ता गंवाने के बाद बीजेपी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को सीएम बनाया। उन्होंने 2017 में अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से ज्यादा बताई थी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2014 में अपनी संपत्ति लगभग तीन करोड़ रुपये बताई थी। अब वह हरियाणा में विपक्ष के नेता हैं।
मनोहर लाल खट्टर
बीजेपी ने 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत पाया था। सीएम बने मनोहर लाल खट्टर की कुल संपत्ति 61 लाख रुपये से ज्यादा था लेकिन TAX भरने के लिए सरकारी पैसे का ही इस्तेमाल किया जाता है।
मायावती
बीएसपी चीफ मायावती कई बार यूपी की सीएम बनी हैं। 2004 में ही उन्होंने अपनी संपत्ति 11 करोड़ रुपये दर्शाई थी। कुछ दिनों पहले तक वह राज्यसभा की सदस्य भी थीं।
अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव फिलहाल लोकसभा के सदस्य हैं। आजमगढ़ के सांसद अखिलेश ने 2009 के चुनाव में अपनी संपत्ति चार करोड़ रुपये बताई थी। उनके सीएम रहते भी यूपी में मंत्रियों, विधायकों का TAX सरकारी पैसे से भरा गया।
योगी आदित्यनाथ
गोरक्ष पीठ के महंत से सीएम बने योगी आदित्यनाथ ने 2014 में अपनी संपत्ति 71 लाख रुपये बताई थी। अब उन्होंने यूपी में ऐलान किया है कि विधायकों और मंत्रियों का TAX सरकारी पैसे से नहीं दिया जाएगा।
प्रकाश सिंह बादल
अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व सीएम रहे प्रकाश सिंह बादल ने 2012 में अपनी संपत्ति 6 करोड़ के आसपास बताई थी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह
कांग्रेस के दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के सीएम हैं। मार्च 2018 में उन्होंने पंजाब में मंत्रियों, विधायकों का TAX सरकारी पैसे से देने की व्यवस्था को खत्म कर दिया। 2017 के चुनाव में उन्होंने खुद की संपत्ति 48 करोड़ से ज्यादा की बताई थी।
-एजेंसियां

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