जानिए…होली पर नाजुक अंगों को कैसे बचाएं रंगों के दुष्प्रभाव से?

होली के रंगों से स्किन और बालों को ही नहीं बल्कि आंख, कान और मुंह को भी बचाने की ज़रूरत है। क्या करें अगर आंख, कान या फिर मुंह में रंग चला जाए तो? जानें यहां:
होली के त्यौहार पर जितनी ज़्यादा ज़रूरत बालों को और स्किन को बचाने की होती है उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरत आंखों और कानों को बचाने की है। ये हमारे शरीर के सबसे नाजुक अंगों में शामिल हैं और अगर गलती से भी आंख या कान में रंग चला गया तो ‘रंग में भंग’ पड़ने में ज़रा भी देर नहीं लगेगी। होली खुशियों का त्यौहार है तो फिर क्यों न इस हंसी-खुशी और मेल-जोल के साथ मनाया जाए?
होली खेलते वक्त अपनी आंखों और कानों को बचाकर रखें। हालांकि रंग खेलने के खुमार में ऐसा करना मुश्किल हो जाता है। यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिनके ज़रिए आप रंगों के दुष्प्रभाव से आंखों और कानों को बचा सकते हैं।
1- सबसे पहली बात तो यह ध्यान रखें कि नेचुरल रंगों को इस्तेमाल करें। कैमिकल युक्त रंगों से होली न खेलें क्योंकि हो सकता है कि इस दौरान रंग आंख में चला जाए। कैमिकल युक्त रंग आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि नैचरल रंग भी आंखों में जाने न पाए लेकिन अगर चला जाए तो तुरंत आंखों को पानी के छपके मारकर अच्छी तरह से धोएं और मलें नहीं।
2- अगर कोई रंग नहीं खेलना चाह रहा है तो उसके साथ ज़बरदस्ती न करें। क्या पता ज़बरदस्ती के दौरान होली का रंग आंख में चला जाए। बेहतर होगा कि किसी को भी रंग लगाने से पहले उसे बता दिया जाए कि उसे रंग लगाने की प्लानिंग है और वह तैयार हो जाए।
3- होली खेलने के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस बिल्कुल भी न पहनें। ऐसा करने से रंग उनपर जम सकता है, जिससे बाद में आंखों में जलन और इरिटेशन हो सकती है।
4- होली खेलने के दौरान अपने हाथ या कोई अन्य चीज आंखों से टच न करें। जितना हो सके आंखों को रंगों से बचाने की कोशिश करें।
5- अगर किसी कारणवश रंग आंख में चला जाए तो आंखों को अच्छी तरह से धोएं। मलें नहीं। आंखें धोने के लिए ज़्यादा ठंडा या ज़्यादा गरम पानी का इस्तेमाल न करें। तब तक आंखों को साफ पानी से धोते रहें जब तक कि पूरा रंग न निकल जाए। इसके बाद भी अगर आंखों में किसी तरह की जलन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
6- होली के दौरान सनग्लासेस पहन सकते हैं ताकि रंग आंखों में जाने से बच जाए।
होली के रंगों से कानों की सुरक्षा
जब बात कानों की सुरक्षा या साफ-सफाई की आती है तो हम जाने-अनजाने उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। खासकर होली के मौके पर। रंग के प्रकोप से खुद को बचाने के लिए हम लाख जतन करते हैं। पुराने कपड़े पहनते हैं। स्किन पर लोशन या क्रीम लगाते हैं। सिर में तेल लगा लेते हैं, लेकिन कानों को भूल जाते हैं। माना कि कानों को साफ करना ज़रा मुश्किल काम है, लेकिन ज़रा सोचिए अगर कान में रंग चला गया तो क्या करेंगे? कानों को सुरक्षित रखने का तरीका है कि उनमें ऑइल डालें। ऑलिव या फिर सरसों का तेल हल्का गरम करके उसकी एक-दो बूंदें कानों में डाल लें और ऊपर से कॉटन लगा लें। ध्यान रहे कि कॉटन की बॉल बनाकर कान में इस तरह से लगाएं कि वह ज़्यादा अंदर न चली जाए।
मुंह में रंग चला जाए तो
होली खेलते वक्त मुंह में भी रंग जाने का रिस्क ज़्यादा होता है। अगर ऐसा हो तो सबसे पहले खूब कुल्ला करें और जो भी रंग अंदर गया है थूक दें। बिना हाथ धोए कुछ भी न खाएं। ढेर सारा पानी पिएं।
-एजेंसियां

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