KD हास्पीटल में कराएं 5 लाख वाला knee implant पौने 2 लाख में

मथुरा। मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में आगरा और दिल्ली के कार्पाेरेट हास्पीटल की अपेक्षा knee implant यानी कि इम्प्लांट मात्र पुर्जाे और दवाओं की कीमत पर किया जा रहा है। knee implant का ये खर्चा मात्र एक लाख पिचत्तर हजार रुपये है जबकि कारपोरेट हास्पीटल में यही कार्य पांच से आठ लाख रुपये तक लिया जा रहा है। केडी हास्पीटल में कार्पाेरेट हास्पीटल की तरह से ही उच्च स्तरीय आॅपरेशन थियेटर, स्पेशल वार्ड और अन्य सुविधायें उपलब्ध प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं। डा. अमन गोयल से आॅपरेशन करा चुके दर्जन भर से अधिक स्वस्थ मरीजों अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि हर वर्ग के अर्थराइटिस और आस्टियो अर्थराइटिस के मरीजों को दिल्ली, आगरा जाने के बजाय हाईवे के अकबरपुर स्थित केडी हास्पीटल अपना आॅपरेशन कराना चाहिए।

ये मौका था मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के हड्डी रोग विभाग के आर्थाेपीडिक सर्जन, आर्थाेप्लास्टी एवं आर्थाेस्कोपी के विशेषज्ञ डा. अमन गोयल के केडी हास्पीटल में 111 ही आपरेशन पूरे होने पर बुलाई प्रेस वार्ता और इलाज किये मरीजों के अनुभव साझा करने का।

कार्यक्रम का शुभारंभ आरके एजुकेशन हब के एमडी मनोज अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एमडी मनोज अग्रवाल, केडी मेडिकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर की डीन डा. मंजू नवानी, एकेडमिक एंड रिसर्च विंग के निदेशक डा. अशोक कुमार धनविजय,अरुण अग्रवाल, हडडी रोग विभाग के डा. शरद एंटिन आदि ने किया।

डा. अमन ने एक सवाल के उत्तर में ब्रज क्षेत्र में अर्थराइटिस और आस्टियोअर्थराईटिस के मरीजों की संख्या बढने के कारण के बारे में बताया कि यहां के पानी में फ्लोराइड की मात्रा, शौच करने का तरीका, आल्टी-पाल्थी मारकर बैठना और घुटने दर्द वाले लोगों के कुर्सी या शौच के लिए इंग्लिश सीट का उपयोग नहीं करना प्रमुख हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि अर्थराइटिस के दर्द वाले कम उम्र वाले मरीजों को साधा कृत्रिम घुटना डलवाने के बजाय गोल्डन नी इम्प्लांट कराना चाहिए। जो कि 30-35 साल तक मरीज का साथ देता है। जबकि साधा कृत्रिम घुटना मात्र 20-25 साल तक ही मरीज का साथ दे पाता है।

इन दर्जनभर से अधिक मरीजों ने साझा किये अनुभव
मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में डा. अमन गोयल द्वारा घुटनों का इलाज किये गये 111 मरीजों में मथुरा से ज्ञान सिंह, गुडगांव की बीना गुप्ता, सिद्दिीेकीजी से शांती देवी, फरीदाबाद से हिम्मत राय, माया देवी, कोसीकलां से श्रीगोपाल, सरमन सिंह, मनोरमा और मधुवाला, आगरा से राजकुमारी, मुन्नी देवी, अलीगढ के खैर से वीके अग्रवाल, सक्सेनाजी, पलवल से कस्तूरी देवी आदि ने कहा कि वे आॅपरेशन होने के बाद से खूब चल फिर रहे हंै। कोई दर्द नहीं हो रहा है। उन्होंने ब्रजवासियों से अपील की वे आगरा-दिल्ली के कारपोरेट हास्पीटल में पांच-आठ लाख रुपये देेने के बजाय केडी में मात्र पौने दो में अपने दोनों घुटना को बदलवा सकते है।

केडी हास्पीटल में पाएं कारपोरेट हास्पीटलों जैसी सुविधाएं-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. राम किशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि हब का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग की स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा में सेवा करना है। इसी के तहत केडी हास्पीटल निशुल्क या अधिकतम मात्र 20 रुपये की ओपीडी फीस में कारपोरेट हास्पीटलों जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध करा रहा है। मरीज के केडी हास्पीटल में भर्ती होने के बाद उसकी हर प्रकार की चिकित्सकों द्वारा लिखी जांचे मुफ्त की जा रही है। राजस्थान, हरियाणा, यूपी के आस-पास के जनपदों से आये बडी संख्या में मरीज आकर विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श, इलाज और आॅपरेशन का लाभ उठा रहे हैं। इसी तरह से अन्य ब्रजवासियों को भी स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »