बाइडन प्रशासन से संवाद और टकराव दोनों के लिए तैयार हैं किम जोंग उन

सोल। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी सरकार को अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन से संवाद और टकराव दोनों के लिए तैयार रहने को कहा है। सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह खबर दी।
कुछ दिन पहले ही अमेरिका और अन्य देशों ने उत्तर कोरिया से अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़कर बातचीत का रास्ता फिर से अपनाने पर जोर दिया था।
कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि किम का बयान यह दर्शाता है कि वह अपने परमाणु हथियार के जखीरे को मजबूती से बढ़ाना चाहते हैं और अमेरिका पर उसकी नीतियों को छोड़ने का दबाव बनाना चाहते हैं, जिसे उत्तर कोरिया शत्रुतापूर्ण नीति बताता है। हालांकि किम बातचीत बहाल करने के लिए भी तैयार हैं। देश में चल रही सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक में बृहस्पतिवार को किम ने जो बाइडन के नेतृत्व में अमेरिकी नीतियों का विस्तार से विश्लेषण किया।
टकराव की स्थिति के लिए तैयार रहने का आदेश
किम ने इस दौरान संवाद और टकराव दोनों के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेषकर देश की प्रतिष्ठा की रक्षा और स्वतंत्र रूप से विकास के हितों तथा देश की सुरक्षा एवं शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने की खातिर टकराव की स्थिति के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। इससे पहले किम जोंग उन ने अपने देश की सेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाने का ऐलान किया था।
वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (WPK) के अंतर्गत काम करने वाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की दूसरी बैठक में शामिल हुए किम जोंग उन ने कोरियाई प्रायद्वीप के रणनीतिक हालात की जानकारी ली। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन उत्तर कोरिया की सबसे शक्तिशाली निकायों में से एक है। उत्तर कोरिया की सुरक्षा और सेना के तीनों अंगों का संचालन की जिम्मेदारी इसी निकाय के पास है।
सेना की ताकत बढ़ाने का दिया स्पष्ट निर्देश
बैठक के बाद कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने बताया कि किम जोंग उन ने सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस बैठक में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्यों के अलावा नॉर्थ कोरियन पीपुल्स आर्मी के एक्जिक्यूटिव मेंबर्स भी शामिल हुए। इस बैठक में देश और दुनियाभर की रणनीतिक स्थिति से जुड़ी हालिया घटनाओं की चर्चा की गई।
-एजेंसियां

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