कंबोडिया Genocide मामले में ख्मेर रूज के दो नेताओं उम्रकैद की सजा

नोम पेन्ह। कंबोडिया की एक अदालत ने दशकों पुराने Genocide (नरसंहार) के मामले में ख्मेर रूज शासन के दो शीर्ष नेताओं को शुक्रवार को दोषी ठहराया।

कंबोडिया की एक अदालत ने दशकों पुराने genocide के मामले में ख्मेर रूज शासन के दो शीर्ष नेताओं को शुक्रवार को दोषी ठहराया। जिन नेताओं के खिलाफ फैसला आया है वो रूज शासन के प्रमुख रह चुके ही सेम्फान (87) और नुओन चिआ (92) हैं। हालांकि, रूज का बर्बर शासन लगभग 40 साल पहले खत्म हो गया था।

इस कट्टर माओवादी समूह ने 1975 से 1979 के बीच कंबोडिया का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था। सेम्फान और नुओन चिआ दोनों ही इस समूह के सबसे उम्रदराज नेता हैं। इस शासनकाल के दौरान अत्यधिक काम, भुखमरी और बड़े पैमाने पर लोगों को फांसी देने के चलते करीब 20 लाख लोगों की मौत हो गई थी।

92 वर्षीय नूऑन चिया ख़मेर रूज सरकार में विचारधारा प्रमुख थे और 87 साल के क्यू साम्पॉन पूर्व राष्ट्र प्रमुख थे।

इन दोनों नेताओं पर संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाले एक आयोग ने लगभग 20 लाख लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप लगाया था।

आयोग के अनुसार कंबोडिया में बंदूक की नोक पर शासन चलाने वाले संगठन ख़मेर रूज के शासनकाल में वियतनामी मूल के चाम मुसलमानों की चुन-चुनकर हत्या की गई थी।

इससे पहले दोनों नेताओं को साल 2014 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। शुक्रवार को भी दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ये दोनों ही सजा साथ-साथ चलेंगी। दोनों को मानवता के खिलाफ अपराध करने का भी दोषी पाया गया है। पहली बार इस तरह का ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है, जिसमें अदालत का कहना है कि शासन ने genocide को अंजाम दिया था।

-एजेंसी

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