केरल के लॉकडाउन में ढील, केंद्र ने कहा- यह आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन

नई द‍िल्ली। केरल के लॉकडाउन के दौरान नियमों में ढील देने के फैसले पर केंद्र सरकार ने आपत्ति जताई है। इसके साथ ही केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू किए लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन करें और उनमें किसी भी स्तर पर ढील न दें।

गृह मंत्रालय की ओर से लिखे गए खत में कहा गया कि केरल सरकार ने लॉकडाउन दिशानिर्देशों की संशोधित गाइडलाइन जारी की है। अपने ऑर्डर में केरल सरकार ने उन सेवाओं को शुरू करने की अनुमति दी है जिनकी 15 अप्रैल को गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन में मनाही थी।

7 जिलों में मिली छूट

केरल सरकार की ओर से 7 जिलों में स्थानीय कार्यशालाओं को खोलने, नाई की दुकानें, रेस्तरां, बुक स्टोर, नगरपालिका सीमा में छोटे और मध्यम उद्योग, छोटी दूरी के लिए शहरों या कस्बों में बस यात्रा, चार पहिया गाड़ियों की पिछली सीट पर दो यात्री समेत कई रियायतों का ऐलान किया गया है जबकि केंद्र की गाइडलाइन में इसकी मनाही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को हल्का करने के बराबर बताया।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से कहा कि कुछ राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश उन गतिविधियों की अनुमति दे रहे हैं जिनकी आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इजाजत नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे पुन: अपील करूंगा कि संशोधित समेकित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित प्राधिकारी इनमें ढील दिए बिना शब्दश: इनका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बंद के नियमों के सख्ती से अनुपालन को सुनिश्चित किया जाए।’’

केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के लिए समेकित संशोधित दिशा-निर्देश 15 अप्रैल को जारी किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंद की अवधि तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी जिसके बाद ये दिशा-निर्देश जारी किए गए।
– एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *