केजरीवाल ने दिल्‍ली के लोगों से कहा, लॉकडाउन में मिली छूट से घबराएं नहीं

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन में मिली छूट से घबराएं नहीं, कोरोना के जितने नए मरीज आ रहे उतने ही ठीक भी हो रहे। यह कहना है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। दिल्ली सीएम केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि दिल्ली कोरोना से लड़ने को कितनी तैयार है। केजरीवाल ने कहा कि कोरोना अभी कहीं जाने वाला नहीं है, ऐसे में लॉकडाउन में ढील देना जरूरी था जिससे लोगों का काम चल सके। उन्होंने बताया कि जितने मरीज आ रहे लगभग उतने ही ठीक भी हो रहे। केजरीवाल ने प्राइवेट हॉस्पिटलों को फटकारा भी।
जनता को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन में मिली छूट से लोग घबराएं नहीं। कोरोना अभी कहीं जाने वाला नहीं है। केजरीवाल ने कहा, ‘कोरोना होता रहे, लेकिन लोग ठीक होकर घर जाते रहें तो दिक्कत नहीं है। बस मौत नहीं होनी चाहिए।’ केजरीवाल ने आगे कहा कि अब तक दिल्ली में 13418 केस सामने आए हैं जिसमें से 6 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।
सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में कितने बेड यह भी बताया
केजरीवाल ने बताया कि सरकारी हॉस्पिटल में कुल 3829 बेड हैं, जिनमें से 3164 में ऑक्सीजन की सुविधा है। उन्होंने कहा कोरोना से इलाज में ऑक्सिजन की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि इनमें से1500 बेड भरे हुए हैं बाकी 2500 करीब अभी खाली हैं। सरकारी हॉस्पिटलों में 250 वेंटिलेटर हैं जिनमें से सिर्फ 11 वेंटिलेटर यूज हो रहे। प्राइवेट हॉस्पिटल में फिलहाल 677 कोरोना बेड हैं। इसमें से 509 भर चुके हैं। उनके पास 72 वेंटिलेटर हैं जिनमें से 15 यूज हो चुके हैं।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में ज्यादातर केस माइल्ड हैं, जिसमें थोड़ा सा बुखार या थोड़ी सी खांसी होती है। कई मरीजों में यह भी नहीं, उन्हें टेस्ट के बाद ही पता लगता है कि कोरोना है। ऐसे करीब 3314 लोगों का घर पर ही इलाज चल रहा है। वहीं 2 हजार के करीब मरीज हॉस्पिटलों में हैं। घर पर इलाज के दौरान टीम लगातार मरीज के टच में रहती है।
प्राइवेट हॉस्पिटलों को फटकारा
हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि कोई भी प्राइवेट हॉस्पिटल कोरोना मरीज को निकाल नहीं सकता, उससे पल्ला नहीं झाड़ सकता। केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी हॉस्पिटल में मरीज पहुंचता है और उसे कोरोना मिलता है तो हॉस्पिटल की जिम्मेदारी है कि उसे कोरोना हॉस्पिटल तक अपनी ऐम्बुलेंस में पहुंचाए।
-एजेंसियां

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