केजरीवाल बोले, सुप्रीम कोर्ट का फैसला जनता व जनतंत्र के खिलाफ

नई दिल्‍ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलजी और दिल्ली सरकार मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंन्स कर केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला जनता व जनतंत्र के खिलाफ है।
केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को वोट देने की अपील की। बता दें कि कोर्ट ने अपने फैसले में ऐंटि करप्शन ब्यूरो (ACB) को केंद्र के अधीन ही रखा है, जबकि अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मुद्दा बड़ी बेंच को भेजा है। कोर्ट के इस फैसले को केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के खिलाफ बताया और कहा कि इसका एक ही इलाज है कि आप लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री के लिए वोट न करके, सातों सीटें AAP को दें।
केजरीवाल ने कहा, ‘अगर किसी ऐसे अधिकारी की नियुक्ति कर दी जाए, जो हमारी बात न सुने तो मोहल्ला क्लीनिक कैसे चलेगा? अगर कोई कहे कि इसने भ्रष्टाचार किया है तो मैं क्या करूं? क्या मैं बीजेपी से बोलूं कि यह मामला देखो? यह सब बीजेपी ही तो करवा रही है। यह फैसला संविधान और जनतंत्र के खिलाफ है।’
केजरीवाल ने कहा, ‘इस बार आप प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट मत देना। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। यहां के लोगों को अधिकार मिलना चाहिए। आप दिल्ली की सातों सीटें आम आदमी पार्टी को दीजिए। हम संसद में लड़कर बाध्य करेंगे कि दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाया जाए।’
उन्होंने कहा, ‘हम इसका कानूनी समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। मैं दिल्ली की जनता से कहना चाहूंगा केजरीवाल बहुत छोटा आदमी है। चार साल में हमने और मंत्रियों ने लड़-लड़कर काम करवाए हैं। फाइलें क्लियर करवाने के लिए अगर हम लोगों को दस दिन तक अनशन करना पड़े तो दिल्ली कैसे चलेगी? हर फाइल के लिए अगर एलजी के घर पर हमें अनशन करना पड़ा तो सरकार कैसे चलेगी।
शीला दीक्षित के बयान पर निशाना
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के साथ दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘जो शक्तियां शीला दीक्षित के पास थीं, उसकी 10 फीसदी भी हमारे पास नहीं हैं। जितना उन्होंने 15 साल में काम किया, उससे 10 गुना हमने चार साल में काम किया था। इस तरह के बयान ठीक नहीं हैं। कल इन शक्तियों की जरूरत आपको भी पड़ेगी।’ बता दें कि शीला ने केजरीवाल सरकार के 4 साल के कार्यकाल की आलोचना की थी और कहा था कि इन चार सालों के दौरान दिल्ली बर्बाद की राह पर फिसली है।

कांग्रेस से गठबंधन पर क्‍या बोले केजरीवाल
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच अंदरखाने गठबंधन को लेकर पक रही सियासी खिचड़ी की अटकलों पर गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्थिति साफ कर दी।
दरअसल, अधिकारों की जंग पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए दिल्ली के सीएम ने गठबंधन पर पत्रकारों को सीधा जवाब दे दिया।
एक पत्रकार ने पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सहमति कितनी बनी है? इस पर केजरीवाल ने कहा कि अभी उस दिशा में कोई सहमति नहीं है। गठबंधन को लेकर एक अन्य सवाल में उन्होंने साफ कहा, ‘उन्होंने (कांग्रेस) लगभग मना कर दिया है।’
आपको बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली में शरद पवार के घर हुई विपक्षी दलों की बैठक में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी पहुंचे थे, जिससे कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब केजरीवाल से पूछा गया कि आप गठबंधन को लेकर काफी लालायित दिख रहे हैं तो उनका जवाब था, ‘हमारे मन में देश के लिए बहुत ज्यादा चिंता है। हम देश की परिस्थितियों को देख रहे हैं कि किस तरह से 5 साल में भाईचारा खराब किया गया। नोटबंदी जैसे गलत फैसले लिए गए। भीड़ हिंसा के साथ संस्थानों को बर्बाद किया जा रहा है, इसी वजह से हम लालायित हैं।’
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश चाहता है कि मोदी और शाह की जोड़ी को हराया जाए और इसलिए जरूरी है कि बीजेपी के खिलाफ एक ही उम्मीदवार खड़ा किया जाए, जिससे वोट न बंटे। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ 2 कैंडिडेट खड़े होते हैं और इससे बीजेपी को फायदा होता है तो यह बात सभी दलों को समझनी पड़ेगी। यूपी में एसपी, बीएसपी के अलावा अगर कोई कैंडिडेट खड़ा होता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा।
शीला दीक्षित के SC के फैसले का स्वागत करने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि कई बार मुद्दे बहुत बड़े होते हैं, राजनीति के लिए इस तरह के बयान ठीक नहीं हैं।
-एजेंसियां

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